मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव : आज करेंगे साइबर पंजीयन कार्यालय का लोकार्पण
Mon, Feb 16, 2026
भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार को अपरान्ह 3:00 बजे भोपाल में अत्याधुनिक साइबर पंजीयन कार्यालय का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहेंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षण मुद्रांक पंजीयन भवन अरेरा हिल्स में साइबर पंजीयन कार्यालय का लोकार्पण होगा। कार्यालय अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और सुरक्षित सर्वर से लैस है, जो डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से, : हंगामेदार होने के आसार
Mon, Feb 16, 2026
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट
भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।
मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।
वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।
आज विपक्षी विधायक दल की बैठक
विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।
मेलों से सशक्त होती है संस्कृति और सामाजिक समरसता : उदय प्रताप सिंह
Sun, Feb 15, 2026
महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मंत्री सिंह ने डमरूघाटी मेला का किया शुभारंभ
नरसिहंपुर।
मध्य प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने महाशिवरात्रि पर्व पर प्रदेशवासियों एवं जिलेवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्राचीन समय में गांव ही समाज का केंद्र हुआ करते थे और मेलों के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कृति एवं कला से जोड़ा जाता था। नदियों एवं मंदिरों के किनारे लगने वाले मेले तथा गांवों में आयोजित मढ़ई जैसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और आस्था को सुदृढ़ करते हैं।
मंत्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से नागरिकों और श्रद्धालुओं को तनावमुक्त वातावरण मिलता है, आनंद एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहता है कि मेले और धार्मिक कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं बेहतर ढंग से आयोजित हों। बरमान मेला के दौरान साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ संतोषजनक एवं सुव्यवस्थित पाई गईं, जिसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं मेला समिति की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शनिवार शाम नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर होने वाले तीन दिवसीय डमरूघाटी मेला का विधिवत शुभारंभ किया। अतिथियों ने सर्वप्रथम भगवान श्रीगणेश की पूजन- अर्चन कर प्रदेश एवं जिलेवासियों की सुख- समृद्धि की कामना की। तत्पश्चात मंत्री श्री सिंह ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि गाडरवारा में आयोजित डमरूघाटी मेला का आयोजन नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा किया जाता है। इस मेले से नागरिकों की गहरी आस्था जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक व्यवस्थित स्वरूप देने के संबंध में मुख्यमंत्री एवं धर्मस्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है।
उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं में सहयोग करने तथा आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में आयोजित होने वाले सभी छोटे-बड़े धार्मिक कार्यक्रमों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाती हैं। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सांस्कृतिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि महाशिवरात्रि पर्व पूरे प्रदेश में सौहार्द एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हो।
कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा है कि जिले में विभिन्न त्यौहारों को मेले के रूप में मनाने की समृद्ध परंपरा रही है। ये मेले आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ नागरिक अपने परिवार सहित पहुंचकर धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक समरसता का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि जिले का प्रसिद्ध बरमान मेला भी ऐसी ही आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इसी प्रकार गाडरवारा स्थित डमरूघाटी मेला का भी ऐतिहासिक महत्व है। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।
कलेक्टर ने कहा कि मेले की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए सभी समन्वित प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मेले के सुचारु संचालन हेतु सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा व पूर्व विधायक साधना स्थापक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।