: पाटन जनपद में भाजपा ने किया बहुमत का आंकड़ा पार
Wed, Feb 26, 2025
पाटन जनपद में भाजपा ने किया बहुमत का आंकड़ा पार
पाटन दुर्ग : स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में नव निर्वाचित तीन जनपद सदस्यों ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद पाटन जनपद पंचायत में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इन्हें मिलाकर 25 सदस्यीय पाटन जनपद में 13 सदस्य भाजपाई हो गए हैं। पाटन जनपद पंचायत सदस्य चुनाव के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10 भाजपा व 7 कांग्रेस अधिकृत एवं 8 स्वतंत्र प्रत्याशी है। ऐसी स्थिति यहां जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव के लिए भाजपा एवं कांग्रेस दोनों को बहुमत के लिए जीतकर आए स्वतंत्र प्रत्याशियों के सहयोग जीतकर आए स्वतंत्र प्रत्याशियों के सहयोग की जरूरत थी।
भाजपा ने अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव के बहुत पहले 3 स्वतंत्र प्रत्याशी को अपने पाले में लाकर रणनीतिक जीत हासिल कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के अनुसार पाटन ब्लॉक के नवनिर्वाचित तीन जनपद सदस्यों ने जिला भाजपा कार्यालय दुर्ग पहुंचकर जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, निवर्तमान जिला अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा जिला भाजपा उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार यह पाध्ये, दिलीप साहू के समक्ष भाजपा प्रवेश किया। स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों में कमलेश वर्मा, कुसुमलता राकेश आडिल और दुलौरिन यादव को भाजपा की पंच निष्ठाओं का संकल्प दिलाकर भाजपा प्रवेश कराया गया। बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबियों में से एक रहे पाटन क्षेत्र के कमलेश वर्मा ने ग्राम बोरेंदा से निर्विरोध सरपंच रहते हुए लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़कर काम किया और निर्विरोध सरपंच बनने के बाद इस बार कांग्रेस से बागी होकर स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में जनपद सदस्य निर्वाचित हुए। कमलेश वर्मा के भाजपा प्रवेश से पाटन कांग्रेस को जबरदस्त झटका लगा हैं। वहीं कुसुमलता आडिल ग्राम पंचायत कसही के निवृतमान सरपंच और मनवा कुर्मी समाज पाटन राज के युवा अध्यक्ष राकेश आडिल की पत्नी है। इसी प्रकार ग्राम गाड़ाडीह निवासी जनपद सदस्य दुलौरिन यादव के पुत्र खिलेश यादव सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पाटन क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार निरंतर जनहित में कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज हर क्षेत्र में विकास का स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है। नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया हैं।
: राहुल गांधी से भूपेश बघेल ने की सौजन्य भेंट
Tue, Feb 18, 2025
दोपहर के वक्त प्रियंका गांधी से भी मिले थे भूपेश बघेल New Delhi. नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता विपक्ष राहुल गांधी से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व महासचिव (पंजाब) भूपेश बघेल ने मुलाकात की।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव, सांसद और हमारी नेता प्रियंका गांधी से आज नई दिल्ली में
सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान महासचिव के रूप में अपने नवदायित्व के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा विभिन्न राजनीतिक विषयों पर चर्चा की
: PCC चीफ बनने तैयार हैं टी एस सिंहदेव, कह दी यह बात
Tue, Feb 18, 2025
छत्तीसगढ़. बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव के पश्चात प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की अटकलों के बीच, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि यदि उन्हें यह उत्तरदायित्व सौंपा जाता है, तो वे इसे पूरी निष्ठा से निभाने के लिए तैयार हैं। सिंहदेव ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पहले ही इस पर मंथन कर चुकी है और वर्ष 2025 में संगठनात्मक बदलाव की योजना है। अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा और यदि उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएँगे।
सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वे उसका पालन करेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएँगे। सिंहदेव बिलासपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व विधायक शैलेश पांडेय और प्रदेश सचिव पंकज सिंह के निवास पर उनसे भेंट की। इस दौरान जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी भी उपस्थित थे।
जब उनसे कांग्रेस की नगरीय निकायों में हार पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव की परिस्थितियाँ अलग होती हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार तमाम आकलनों के विपरीत रही। वहीं, लोकसभा चुनाव में 4-5 सीटें जीतने की उम्मीद थी, किंतु दुर्भाग्यवश केवल एक सीट ही मिल सकी। नगर निगम और पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों से प्रभावित होते हैं, जिनमें प्रत्याशी की भूमिका 60-70 प्रतिशत तक महत्वपूर्ण होती है। सिंहदेव ने कहा कि स्थानीय चुनावों में प्रत्याशी की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं कुनकुरी से आते हैं, लेकिन वहाँ भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह, सरगुजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के क्षेत्रों में भी कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कोई नया कार्य नहीं कर रही है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं किया गया है। जब उनसे सरकार के प्रदर्शन को अंक देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा कि वे 10 में से 4 अंक दे सकते हैं क्योंकि अभी तक सरकार ने कोई विशेष कार्य नहीं किया है।