29-30 नवंबर को रायपुर आएंगे पीएम मोदी : , 60वीं ऑल इंडिया DG IG कॉन्फ्रेंस में होंगे शामिल
Fri, Nov 28, 2025
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में पहली बार 28 से 30 नवंबर तक IIM परिसर में 60वीं ऑल इंडिया DG IG कॉन्फ्रेंस होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29-30 नवंबर को शामिल होंगे। इस कॉन्फ्रेंस का थीम है “विकसित भारत: सिक्योरिटी डाइमेंशन्स” और इसमें पुलिसिंग की मुख्य चुनौतियों से निपटने की प्रगति की समीक्षा होगी और ‘सुरक्षित भारत’ बनाने के लिए आगे के रोडमैप की रूपरेखा बनाने कॉन्फ्रेंस पर चर्चा होगी।
बता दें कि, कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, राज्य मंत्री (गृह मामले), राज्यों/UTs के DGP और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। इसके साथ ही नए और इनोवेटिव आइडिया लाने के लिए, राज्यों/UTs के गृह विभाग के प्रमुख और DIG और SP रैंक के कुछ चुने हुए लेटेस्ट पुलिस अधिकारी भी इस साल कॉन्फ्रेंस में शामिल रहेंगे।
वहीं इस दौरान PM मोदी प्रेसिडेंट पुलिस मेडल भी प्रदान करेंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज़्म, काउंटर टेररिज्म, डिजास्टर मैनेजमेंट, महिलाओं की सुरक्षा, और पुलिसिंग में फोरेंसिक साइंस और AI का इस्तेमाल जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। ये कॉन्फ्रेंस पुलिस बलों के सामने आने वाली चुनौतियों, ऑपरेशनल और वेलफेयर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बनेग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, : ई संवर्ग के लेक्चरर्स को अब मिलेगा प्रमोशन
Thu, Nov 27, 2025
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में ई संवर्ग के 1478 लेक्चरर्स के प्रिंसिपल पद पर पोस्टिंग की कानूनी बाधा दूर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पोस्टिंग पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
प्रदेश में ई संवर्ग के 1478 व्याख्याताओं को प्राचार्य के पद पर पदोन्नत किया गया है। डीपीआई ने पोस्टिंग के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसी बीच शिक्षक आनंद प्रसाद ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में पदोन्नति और पोस्टिंग पर रोक की मांग की गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में दायर याचिका में शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में बनाए गए नियमों, तय किए गए मापदंडों को चुनौती दी गई थी। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पारित 30 अप्रैल 2025 के पदोन्नति आदेश का भी विरोध किया गया था, जिसके तहत याचिकाकर्ता को प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति से वंचित कर दिया गया जबकि उसके कनिष्ठों को पदोन्नति दे दी गई है। याचिकाकर्ता ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी पदोन्नति आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।