: कारवाने ग़ज़ल के मीर हैं मीरमैं ज़िया खुश हूँ दरमियान में हूँ
Fri, May 9, 2025
कारवाने ग़ज़ल के मीर हैं मीर
मैं ज़िया खुश हूँ दरमियान में हूँ
🔴 हरदिल अज़ीज़ शायर ज़िया हैदरी के अवदान को जसम ने किया याद.
🔴 जसम की पत्रिका प्रतिसंसार का एक अंक केंद्रित होगा शायर जिया हैदरी पर.
रायपुर. देश में लेखकों और संस्कृति कर्मियों के सबसे बड़े संगठन जन संस्कृति मंच की रायपुर ईकाई ने विगत दिनों हरदिल-अज़ीज़ शायर ज़िया हैदरी साहित्यिक अवदान को याद किया.स्थानीय वृंदावन हॉल में एकत्रित रचनाकारों और श्रोताओं ने सबसे पहले पहलगाम की घटना में शहीद हुए नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद एक सुरुचिपूर्ण गोष्ठी में शायर ज़िया हैदरी की शायरी पर विस्तार से चर्चा की गई.
शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले युवा कवि वसु गंधर्व और निवेदिता शंकर की जोड़ी ने ज़िया हैदरी की ग़ज़लों की संगीतमयी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगाया.
आयोजन में शिरकत करने वाले वक्ताओं ने ज़िया हैदरी की अनेक ग़ज़लों को उद्धृत करते हुए एक शमां बांधा. ज़िया हैदरी साहब के पुत्र आफ़ाक़ अहमद ने जसम के आयोजन को बेहद महत्वपूर्ण बताया. जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर रज़ा हैदरी ने कहा कि ज़िया साहब उनके भाई अवश्य थे, लेकिन वे शायरी के उनके उस्ताद भी थे. ज़िया साहब की सरपरस्ती में उन्होंने शायरी की शानदार तालीम हासिल की जो आज जीवन के हर क्षेत्र में काम आ रही है.
ख्यातलब्ध शायरों में फ़ज़्ले अब्बास सैफ़ी, सुख़नवर हुसैन, मीसम हैदरी, आलिम नक़वी, अब्दुल सलाम कौसर और जसम रायपुर के अध्यक्ष आनंद बहादुर ने ज़िया साहब की ग़ज़लों की विभिन्न खूबियों की गहरी पड़ताल की. जसम के संयुक्त सचिव अजय शुक्ल ने ज़िया साहब की ग़ज़लों का वाचन किया. इस समूची चर्चा का निचोड़ यह था कि ज़िया हैदरी एक बड़े मयार के शायर थे जिनकी शायरी का सही मूल्यांकन अभी नहीं हो पाया है. एक बहुत निराश करने वाली बात जो उभरकर सामने आई वह यह थी कि इतने बड़े शायर का एक भी संग्रह उनके जीते जी प्रकाशित नहीं हो पाया है.
आयोजन में शामिल सभी वक्ताओं ने एक मत होकर कहा कि सामूहिक प्रयास से बहुत जल्द ही उर्दू तथा हिंदी में उनके संग्रह का प्रकाशन किया जाएगा. इस अवसर पर जसम की पत्रिका प्रतिसंसार का एक अंक भी ज़िया साहब पर केंद्रित करने का संकल्प लिया गया. ज़िया हैदरी पर केन्द्रित वैचारिक आदान-प्रदान में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने बहुत सरल शब्दों में गहरे निहितार्थों वाली गंभीर शायरी की है. उनकी शायरी आधुनिक जीवन के तमाम पहलुओं को अपने दामन में समेटती है और हिंदी और उर्दू के बीच की उस भाषाई जमीन पर खड़ी है जो हिंदुस्तान की बहुसंख्यक आवाम की जमीन है. ज़िया जीवन की विडंबनाओ और संत्रासों के गहन व्याख्याकार थे. उनका फ़न शायरी के सबसे ऊंचे शिखर को छूता है.चर्चा के दौरान सबने माना कि ज़िया हैदरी ग़ज़ल के शिल्प से समझौता किए बगैर शायरी की सभी बंदिशों का बखूबी निर्वाह करते हुए ऊंचे मयार की प्रवाहमय शायरी को अंजाम दिया है.
कार्यक्रम में विशेष तौर पर नामचीन रचनाकार जया जादवानी, डॉ.रेणु महेश्वरी, मधु वर्मा, मौली चक्रवर्ती, नीलिमा मिश्रा, राजेश गनौदवाले, नंद कुमार कंसारी, मीर अली मीर, एसएस ध्रुव नंदन, हैदर हुसैन सुल्तानपुरी, रियाज़ अंबर, राजेन्द्र चांडक, आर. डी. अहिरवार, नरोत्तम शर्मा, हरीश कोटक, डॉ.अखिलेश त्रिपाठी सहित अनेक प्रबुद्धजन मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सोनी एवं आभार प्रदर्शन जसम के सचिव इंद्र कुमार राठौर ने किया.
: स्व. बिंदेश्वरी बघेल शासकीय महाविद्यालय कुम्हारी में 8 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया गया ।
Fri, May 9, 2025
स्व. बिंदेश्वरी बघेल शासकीय महाविद्यालय कुम्हारी में 8 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया गया ।
कुम्हारी। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुम्हारी से डॉ. अरुण वर्मा, श्री सुरेंद्र वर्मा संकल्प सांस्कृतिक समिति, रायपुर से श्री अजय श्रीवास्तव, श्री अरुण मिंज, श्री विवेक बंजारे एवं मनीषा कुर्रे उपस्थित रहे । कार्यक्रम का आरंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सोनिता सत्संगी जी के व्याख्यान से हुआ अपने उद्बोधन में उन्होंने विश्व रेडक्रॉस दिवस का परिचय देते हुए इस दिवस के महत्व को प्रदीप्त किया, साथ ही रेड क्रॉस सोसाइटी की रूपरेखा, कर्तव्यों, कार्यों एवं समाज में इसकी आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी के स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की आपदा एवं संकट में जन समुदाय की सेवा हेतु सदैव तत्पर रहे तत्पश्चात श्री सुरेंद्र वर्मा द्वारा प्राथमिक चिकित्सा उपचार प्रशिक्षण के अंतर्गत सर्पदंश, आग एवं रासायनिक पदार्थ से जलने पर प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर की प्रक्रिया से अवगत कराया। श्री अजय श्रीवास्तव द्वारा नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता हेतु पीपीटी के माध्यम से नशीले पदार्थों की जानकारी, नशीले पदार्थों के प्रकार, नशे से मुक्ति हेतु पुनर्वास के उपाय का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया। नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का उनका यह प्रयास बहुत ही सराहनीय था। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक नेहा वर्मा द्वारा एवं आभार प्रदर्शन रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. एन. जयश्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त सहायक प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
: छत्तीसगढ़ के 3 संभाग में बारिश का ऑरेंज अलर्ट
Fri, May 9, 2025
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से छत्तीसगढ़ में तीन दिन मौसम बदला रहेगा। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में 3 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आज 9 मई से 11 मई तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 50-60 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है, बस्तर, सरगुजा संभाग के जिलों में गरज चमक के साथ कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश की तरफ बारिश का एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना हुआ है जो धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह से प्रदेश में तीन दिन मौसम बदला रहेगा। बता दें कि पिछले दो हफ्ते से मौसम में आए बदलाव के कारण कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक कम है।
39 से 40 डिग्री के आसपास प्रदेश का तापमान
प्रदेश में अधिकतम तापमान 39 से लेकर 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। अगले तीन दिनों में 1 से 2 डिग्री तक अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। उसके बाद कोई बदलाव होने के आसार नहीं है।
क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ)?
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) कैस्पियन या भूमध्य सागर से बनने वाले तूफान होते हैं। ये भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश और ठंड लाने का काम करते हैं। असल में ये हवाएं बर्फीली होती हैं, जो अपने साथ नमी लेकर आती हैं।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भूमध्यसागर से निकलती हैं। इसके बाद ये ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए सीधा भारत पहुंचती हैं। यहां पहुंचते ही यह मैदानी इलाकों में अपना असर दिखाने लगती हैं।
बस्तर में बारिश, दुर्ग सबसे गर्म
बीते 24 घंटे की बात करें तो बीजापुर, तोकापाल और नानगुर जैसे कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई है। वहीं दुर्ग सबसे गर्म रहा जहां तापमान 39.5 डिग्री तक पहुंच गया और सबसे ठंडी सुबह जगदलपुर की रही, जहां न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री रहा।
रायपुर तेज हवाएं चलेंगी, बौछारें पड़ेंगी
आज धूप-छांव वाला मौसम रहेगा। दिन में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि दिन का तापमान करीब 41 डिग्री तक जा सकता है और रात में 26 डिग्री रहेगा। तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम को लेकर अलर्ट रहें। ज्यादा जरूरी न हो तो गरज-चमक के वक्त घर से बाहर न निकलें और किसी पेड़ या बिजली के खंभे के पास खड़े न हों।
मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड
मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई के महीने में एक-दो बार तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है।
वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।