CG : SIR की वजह से माता – पिता से मिली बेटी, 13 साल बाद घर लौटी खुशियां
Tue, Dec 2, 2025
केशकाल।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया चल रही है। जिसको लेकर के प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से नई-नई कहानियां भी निकल कर सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक रोचक कहानी केशकाल से सामने आई है। जहां वर्ष 2012 में एक नाबालिग बच्ची पारिवारिक परेशानियों के चलते तनाव में आकर घर छोड़कर रायपुर चली गई थी। घर वालों ने वर्षों तक पता तलाश करने के बाद उसके मिलने की पूरी उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन अब जो SIR के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ी तो उनकी बेटी सुनीता यादव लगभग 13 साल बाद वापस अपने घर लौटी है।
वर्ष 2012 में घर छोड़कर रायपुर में दादी के साथ थी
इस बारे में सुनीता से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पिताजी के द्वारा आए दिन शराब पीने और मारपीट करने से परेशान होकर मैं वर्ष 2012 में घर छोड़कर चली गई थी। मैं रायपुर में ही एक दादी अम्मा के घर में रहकर अपना जीवन यापन कर रही थी। उन्होंने कहा था कि जब तू बालिग हो जाएगी तब मैं तेरी शादी भी करवाऊंगी। लेकिन 2019 में उनका देहांत हो गया। इस दौरान कई बार मुझे लौट कर वापस घर आने का मन तो किया लेकिन पिताजी के डर के कारण वापस घर लौटने की हिम्मत नहीं हुई।
SIR नहीं होता तो शायद घरवालों से कभी नहीं मिल पाती
सुनीता ने बताया, SIR के लिए जब बीएलओ ने मुझसे दस्तावेज मांगे तो उसमें माता-पिता का परिचय पत्र मतदाता सूची में नाम एवं अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ी। लेकिन मेरे पास कोई दस्तावेज नहीं थे इसलिए मैं रायपुर से केशकाल आई हूं। इतने सालों के बाद माता-पिता से मिलकर मुझे काफी खुशी हुई और वह भी मुझे देखकर काफी खुश नजर आए। अगर SIR के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती तो शायद मैं वापस केशकाल कभी नहीं आती। लेकिन अब जो की घरवालों से मेरा संपर्क हो गया है और घर की स्थिति भी सामान्य है। ऐसे में अब मैं समय-समय पर अपनी माता-पिता से मिलने केशकाल आया करूंगी।
अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : मुख्यमंत्री ने दी बधाई
Tue, Dec 2, 2025
इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर।
मुख्यमंत्री साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।
छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला
प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l
उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।
यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।