फर्जी e-चालान से ठगी का खतरा, : रायपुर पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
Mon, Apr 13, 2026
रायपुर ।
साइबर अपराधी अब फर्जी e-चालान मैसेज और नकली वेबसाइट/एप्लीकेशन के जरिए लोगों को ठगने के नए तरीके अपना रहे हैं। इसे लेकर रायपुर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस के अनुसार, अनजान नंबरों से भेजे जा रहे SMS या व्हाट्सएप मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से लोग धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे मामलों में साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर वाहन चालान के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हैं।
आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही करें भुगतान
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वाहन के पेंडिंग e-चालान का भुगतान केवल परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/
या NextGen mParivahan App के माध्यम से ही करें। इन प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, जबकि थर्ड पार्टी एप्लीकेशन से भुगतान करने पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
केवल अधिकृत सेंडर आईडी (जैसे VAAHAN-G) से आए संदेशों पर ही भरोसा करें
किसी के साथ OTP साझा न करें
फर्जी कॉल या मैसेज के आधार पर तुरंत भुगतान न करें
वेबसाइट की स्पेलिंग और लिंक की सत्यता जरूर जांचें
ठगी होने पर क्या करें
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचित करें, ताकि लेनदेन को रोका जा सके।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में NextGen mParivahan App इंस्टॉल करें और सुरक्षित तरीके से e-चालान की जानकारी व भुगतान करें। साथ ही, इस ऐप के जरिए वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
नेलांगुर में हर घर पहुंचा नल जल, : दूर हुई पेयजल समस्या
Mon, Apr 13, 2026
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है । महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है । सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है ।जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है ।
नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं । प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।
जिले के अंतिम छोर तक मिल : रहा लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ
Mon, Apr 13, 2026
रायपुर
।राज्य शासन के निर्देशानुसार विकासखण्डवार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दिनों कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत जिले के सीमा पर स्थित ग्राम चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत सदस्य श्री कपिल नाग, जनपद सदस्य श्री घसियाराम सेठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों को जानकारी ली और निराकरण हेतु निर्देशित किया।।
कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने श्रम पंजीयन के लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु ई-रिक्शा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशुपालन विभाग की योजनाओं से जुड़ने एवं विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत शेड निर्माण का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 04 ट्रायसायकल एवं 01 बैसाखी वितरित की गई। मुख्यमंत्री पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत की गई। इसी प्रकार 13 आधार कार्ड, 7 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग द्वारा 11 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 14 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा 03 वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा 15 किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को रागी बीज वितरण और वन विभाग द्वारा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम हिचका की श्रीमती सुनीता मंडावी को 02 लाख रुपए एवं ग्राम कावागांव की श्रीमती सुपोतिन कोर्राम को 30 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा 200 पौधे का भी वितरण किया गया।
कभी लाल आतंक से प्रभावित रहे चुरेगांव जैसे अंदरूनी गांव में आयोजित इस शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक पेय ‘मड़िया पेज’ की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचकर मड़िया पेज का स्वाद लिया और उनकी सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री विजय मिश्रा, श्री संतोष सिन्हा, जनपद पंचायत सीईओ श्री अनुराग सिन्हा, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।