: छत्तीसगढ़ में भीषण बारिश का अलर्ट, अधिकांश जगहों पर बारिश के साथ वज्रपात, इन जिलों में बाढ़ का खतरा
Jagbhan Yadav
Sun, Jul 6, 2025
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 5 से 7 जुलाई तक प्रदेशभर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बिजली गिरने और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।सरगुजा से लेकर बस्तर तक के जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लिए भारी वर्षा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।5 जुलाई को उत्तर छत्तीसगढ़, विशेषकर सरगुजा और कोरबा संभाग में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं 6 जुलाई को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़, और 7 जुलाई को पूरे राज्य में मानसून की गतिविधियों में तीव्रता देखी जा सकती है।
इन जिलों में सबसे अधिक खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और कोरबा जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहां प्रशासन को पहले से तैयार रहने की सलाह दी गई है।
मौसमी सिस्टम सक्रिय
बारिश की तीव्रता बढ़ने के पीछे कई मौसमी तंत्र सक्रिय हैं:
- मानसून की द्रोणिका श्रीगंगानगर से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
- उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना है।
- गंगीय पश्चिम बंगाल में समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक एक और चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है, जो जल्द ही निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है।
इन सभी गतिविधियों से प्रदेश में बारिश की रफ्तार और तीव्रता बढ़ने की पूरी संभावना है।
रायपुर का विशेष पूर्वानुमान
राजधानी रायपुर में भी पिछली रात से तेज बारिश हो रही है।
6 जुलाई को आकाश पूरी तरह मेघमय रहेगा और रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी।
- अधिकतम तापमान: 28°C
- न्यूनतम तापमान: 24°C
अलर्ट और सुझाव
- मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए स्पष्ट चेतावनी दी है:
- 6 जुलाई: हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा एवं वज्रपात।
- 7 जुलाई: बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ेगी।
- प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
- प्रशासन को अलर्ट पर रहने, विशेषकर निचले इलाकों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील गांवों में निगरानी रखने की आवश्यकता है।
इस मानसूनी तबाही से निपटने के लिए NDRF और SDRF जैसी एजेंसियां भी अलर्ट है।

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