छत्तीसगढ़ में अस्पतालों की हवा होगी अधिक सुरक्षित : CIMS में शुरू हुआ आधुनिक स्टरलाइजेशन सिस्टम
Jagbhan Yadav
Fri, Nov 21, 2025
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संस्थान में सेमीकंडक्टर आधारित एयर प्यूरिफिकेशन और स्टरलाइजेशन सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। यह तकनीक प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल है, जो अस्पताल के अंदर की हवा को मेडिकल-ग्रेड स्तर तक स्वच्छ करने में सक्षम होगी।
उन्नत तकनीक से संक्रमण पर नियंत्रण
नई तकनीक पारंपरिक फिल्टरों की तुलना में काफी अधिक प्रभावी मानी जाती है। यह वायरस, बैक्टीरिया और सूक्ष्म कणों को 99% तक समाप्त करने में सक्षम है। ICU, OT, वार्ड और OPD जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में यह सिस्टम संक्रमण फैलने के खतरे को काफी हद तक कम कर देगा। इससे मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
एयर स्टरलाइजेशन सिस्टम का एक बड़ा लाभ यह भी है कि यह कम ऊर्जा खर्च करता है और लंबे समय तक बिना रुकावट के संचालित हो सकता है। इस कारण अस्पताल की हवा लगातार शुद्ध बनी रहती है, जिससे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में भी संक्रमण का स्तर कम किया जा सकता है।
CSR सहयोग से आधुनिक सुविधा का विस्तार
CIMS और एसईसीएल के बीच हुए एमओयू के तहत उपकरण, तकनीकी विशेषज्ञता और इंस्टॉलेशन से लेकर रख-रखाव तक की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। इस सहयोग ने CIMS को प्रदेश के उन्नत चिकित्सा केंद्रों की श्रेणी में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मरीजों की सुरक्षा में बड़ा लाभ
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हवा की गुणवत्ता सीधे-सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। नई प्रणाली के लगने से संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा और इलाज की गुणवत्ता भी बेहतर बनेगी। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी बदलाव की दिशा में एक नया अध्याय शुरू करेगी।
Tags :
Chhattisgarh, CIMS, Bilaspur, Healthcare, Air Sterilization, Medical Technology, Hospital Safety, CSR Initiative
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