Tuesday 28th of April 2026

ब्रेकिंग

वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, ई-श्रम साथी एप लॉन्च

नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण

निरमनी बाई के परिवार को मिला नया सहारा

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा : लापरवाही पर कार्रवाई और ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Jagbhan Yadav

Fri, Mar 6, 2026

रायपुर: प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि यह आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। यदि सड़क कुछ ही वर्षों में खराब हो जाती है तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।

बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनाई गई थी, लेकिन इसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच के निर्देश देते हुए भविष्य में निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आम लोगों को इनकी जानकारी नहीं मिल पाती। इसलिए बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा इन कार्यों को व्यापक रूप से जनता के सामने लाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर हासिल कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

बैठक में लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश में शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल के बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, राहुल भगत और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें