मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना, : दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण
Jagbhan Yadav
Tue, Apr 28, 2026
राज्य में श्रमिक परिवारों को मिल रही त्वरित आर्थिक सहारा, मानवीय संवेदना के साथ प्रशासनिक तत्परता का समन्वय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कठिन समय में मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसने बलरामपुर जिले के एक श्रमिक परिवार को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान कर जीवन में नई आशा का संचार किया।
जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम विश्रामनगर निवासी स्वर्गीय रंजीत पात्र, श्रम विभाग में पंजीकृत सड़क कर्मकार थे और मेहनत-मजदूरी के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 24 जनवरी 2026 की रात्रि उनका आकस्मिक निधन हो जाने से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।
ऐसे कठिन समय में शासन की संवेदनशील पहल परिवार के लिए सहारा बनी। स्वर्गीय रंजीत पात्र की पत्नी कनिका पात्र ने 18 फरवरी 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया। श्रम विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूर्ण की गई और शीघ्र ही एक लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर 28 मार्च 2026 को सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर दी गई।
यह आर्थिक सहायता न केवल तत्काल जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनी, बल्कि परिवार के भविष्य को संवारने में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। कनिका पात्र ने इस राशि से घर निर्माण के लिए लिए गए कर्ज का भुगतान किया और अधूरे मकान को पूरा करने का कार्य आगे बढ़ाया। साथ ही वे अपने तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी दृढ़ता से निभा रही हैं।
यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। कनिका पात्र ने इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
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