बड़ा बैंकिंग घोटाला : ₹80 करोड़ का बैंक फ्रॉड आया सामने, क्या आप भी हैं इस बैंक के ग्राहक?
Sat, Dec 20, 2025
बिजनेस डेस्कः
Bank Fraud: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने अपनी प्रायोरिटी बैंकिंग यूनिट में सामने आए कथित धोखाधड़ी मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यह मामला नवंबर में बेंगलुरु की एक शाखा से शुरू हुआ था, जहां एक ग्राहक ने अपने खाते से पैसे गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। अब सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु की एमजी रोड शाखा से जुड़े कुछ हाई-नेटवर्थ ग्राहकों के करीब ₹80 करोड़ तक के फंड में हेरफेर की आशंका जताई जा रही है।
शिकायत से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत पिछले महीने एक ग्राहक की शिकायत से हुई थी, जिसने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट से ₹2.7 करोड़ के हेरफेर का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु सिटी पुलिस से जांच को राज्य के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंपने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कथित धोखाधड़ी की राशि ₹5 करोड़ से अधिक होने की वजह से यह फैसला लिया गया। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने इस बात की पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है।
कौन कर रहा है जांच?
बैंक ने कहा, “हमारे ग्राहकों के हित सर्वोपरि हैं। जांच में यह सामने आया है कि बेंगलुरु शाखा में एक कर्मचारी ने कुछ अनियमितताएं की हैं। बैंक की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और बैंक ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।”
बैंक ने प्रभावित ग्राहकों से सीधे संपर्क किया है और एक आंतरिक जांच भी शुरू की गई है। सूत्रों के अनुसार, करीब दो हफ्ते पहले हुई प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद PwC को फॉरेंसिक जांच सौंपी गई है।
बैंक का पक्ष और ग्राहकों को भरोसा
सूत्रों के मुताबिक, जांच में बड़े पैमाने पर ग्राहकों के फंड के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं। कई हाई-प्रोफाइल और कारोबारी परिवारों से जुड़े ग्राहक इस मामले से नाराज बताए जा रहे हैं। बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को हुए नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दिया है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने कहा है कि पुलिस और आंतरिक जांच दोनों प्रक्रियाएं जारी हैं और बैंक जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है। बैंक ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों के गबन किए गए फंड की वापसी उसकी प्राथमिकता है।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने रिलेशनशिप मैनेजर नक्का किशोर कुमार (40) को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन पर एक ग्राहक से ₹2.7 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें पिछले महीने गिरफ्तार किया था और बैंक ने तत्काल प्रभाव से उन्हें बर्खास्त कर दिया।
कैसे हुआ फ्रॉड?
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ग्राहकों के नकली हस्ताक्षर किए और RTGS के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए दिए गए फंड को दूसरे खातों में डायवर्ट कर दिया। ग्राहक ने एफडी के लिए ₹2 करोड़, ₹50 लाख और ₹25 लाख के चेक दिए थे, जिन्हें इच्छित उद्देश्य के बजाय तीसरे पक्ष को ट्रांसफर कर दिया गया।
इसके बाद कम से कम पांच अन्य लोगों ने भी इसी तरह की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। जांच एजेंसियां अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान में जुटी हैं, क्योंकि आरोपी ने कई ग्राहकों को नकली एफडी बॉन्ड भी जारी किए थे। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला 15 साल पहले गुरुग्राम में सिटीबैंक की वेल्थ मैनेजमेंट यूनिट में हुए बड़े फ्रॉड से मिलता-जुलता है।
NPS नियमों में बड़ा बदलाव : नोटिफिकेशन जारी, अब मिलेगा ज्यादा फायदा
Fri, Dec 19, 2025
बिजनेस डेस्कः
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के नियमों में अब तक का सबसे अहम बदलाव कर दिया है। इस संबंध में नई नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई है, जिससे खासतौर पर गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स को बड़ा फायदा मिलेगा।
क्या बदला है नया NPS नियम?
PFRDA ने रिटायरमेंट और एग्जिट नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब गैर-सरकारी NPS निवेशक रिटायरमेंट के समय अपने कुल कॉर्पस का अधिकतम 80% तक पैसा लंपसम निकाल सकेंगे।
अभी तक क्या था नियम?
अब तक NPS से बाहर निकलते समय निवेशकों को कम से कम 40% राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य था। एन्यूटी के जरिए रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन मिलती थी, लेकिन नए नियमों में इस अनिवार्यता को घटाकर 20% कर दिया गया है। यह बदलाव All Citizen Model और Corporate NPS दोनों कैटेगरी के सब्सक्राइबर्स पर लागू होगा।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
PFRDA द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह सुविधा उन सब्सक्राइबर्स को मिलेगी जो:
60 साल की उम्र में सामान्य एग्जिट लेते हैं
न्यूनतम सब्सक्रिप्शन अवधि पूरी करने के बाद एग्जिट करते हैं
60 से 85 साल की उम्र के बीच NPS से बाहर निकलते हैं
इसका मतलब है कि अब रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा सीधे हाथ में लिया जा सकेगा।
कितनी रकम निकाल सकते हैं?
नए नियमों में कॉर्पस की राशि के आधार पर अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं:
₹8 लाख तक का कॉर्पस
निवेशक पूरी रकम लंपसम निकाल सकता है। एन्यूटी लेना पूरी तरह वैकल्पिक होगा, जो अधिकतम 20% तक हो सकता है।
₹8 लाख से ₹12 लाख तक का कॉर्पस
अधिकतम ₹6 लाख लंपसम निकासी की अनुमति होगी। बची राशि से या तो एन्यूटी खरीदी जा सकती है या फिर 6 साल तक Systematic Withdrawal के जरिए पैसा निकाला जा सकता है।
₹12 लाख से ज्यादा का कॉर्पस
कम से कम 20% राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य होगा। शेष 80% तक रकम लंपसम निकाली जा सकेगी।
क्यों अहम है यह बदलाव?
इस बड़े फैसले से PFRDA ने गैर-सरकारी NPS निवेशकों को उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर ज्यादा नियंत्रण दिया है। अब निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से ज्यादा कैश हाथ में ले सकेंगे और एन्यूटी की बाध्यता पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।
लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट : सेंसेक्स 78 अंक फिसला
Fri, Dec 19, 2025
मुंबईः
स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन गिरावट आई। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों में नरम रुख से सेंसेक्स 78 अंक के मामूली नुकसान में रहा जबकि निफ्टी स्थिर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 77.84 अंक यानी 0.09 प्रतिशत टूटकर 84,481.81 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 84,780.19 अंक के ऊपरी और 84,238.43 अंक के निचले स्तर तक भी गया। इस तरह इसमें 541.76 अंक की घट-बढ़ हुई। एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी तीन अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 25,815.55 अंक पर स्थिर रहा।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सन फार्मा, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से नुकसान में रहें। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और एचसीएल टेक शामिल हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "वैश्विक संकेतों और रुपए से जुड़ी चिंताओं का निवेशक धारणा पर असर बना रहा। इसकी वजह से कारोबारियों ने सतर्कता बरती।"
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.05 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि तेल एवं गैस खंड में 0.81 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.80 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 0.75 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके उलट, फोकस आईटी खंड 1.24 प्रतिशत उछल गया और आईटी खंड में भी 1.10 प्रतिशत की तेजी रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त का कारण निचले मूल्य पर खरीदारी और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से रुपए में आई मजबूती थी। हालांकि, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बनी अनिश्चितता ने बाजार धारणा को कमजोर किया और मुनाफावसूली देखने को मिली।'' शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कई दिनों के बाद खरीदार बने और उन्होंने बुधवार को 1,171.71 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबार में 768.94 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सूचकांक में गिरावट रही, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.42 प्रतिशत चढ़कर 59.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सेंसेक्स बुधवार को 120.21 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 41.55 अंक की गिरावट आई थी।