Saturday 18th of April 2026

ब्रेकिंग

, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

रफ्तार हाईवा पलटी 3 घायल

के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय

अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों काे लांघकर पहली बार राशन पहुँचा हितुल

पुलिस जांच में जुटी

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

: रतनपुर महामाया मंदिर परिसर की बदलेगी तस्वीर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा विकसित

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर की तस्वीर जल्द बदलने वाली है. इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. केंद्रीय एजेंसी द्वारा बनाई गई 150 करोड़ की योजना के क्रियान्वित होने पर मंदिर परिसर का पूरी तरह कायाकल्प हो जाएगा. यह भी पढ़ें : गरियाबंद मुठभेड़ में 25 लाख का ईनामी नक्सली गुड्डू और उसकी पत्नी अंजू भी ढेर, आईजी आज करेंगे जवानों से मुलाकात

रतनपुर में विराजमान मां महामाया के प्रति देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा है. लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को 150 करोड़ की लागत से कायाकल्प किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को काशी और उज्जैन की तर्ज पर विकसित करना है.

Chhattisgarh Crimes

कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रवेश द्वार, सुगम आवागमन, आधुनिक पेयजल, शौचालय, पार्किंग और पर्यटकों के ठहरने की सुविधा शामिल होगी. इसके साथ ही मंदिर परिसर का सुंदरीकरण और प्रकाश व्यवस्था भी होगी.

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक

केंद्रीय शहरी एवं आवास राज्य मंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना की योजना पर चर्चा की गई. राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) इस प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा. इस परियोजना से न केवल रतनपुर को धार्मिक पर्यटन में नई पहचान मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिलेगी.

राजा रत्नदेव प्रथम से जुड़ा है नगर का इतिहास

बिलासपुर-कोरबा मुख्य मार्ग पर स्थित रतनपुर नगर आदिशक्ति मां महामाया देवी का दिव्य धाम है. इस नगरी का गौरवशाली इतिहास राजा रत्नदेव प्रथम से जुड़ा है, जिन्होंने इसे अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया था. यहां स्थित महामाया मंदिर का प्राचीन वैभव और धार्मिक महत्त्व इसे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनाता है. हर वर्ष लाखों की संख्या में भक्त और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. कॉरिडोर बनने पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

धार्मिक पर्यटन के मानचित्र में मिलेगी नई पहचान

मां महामाया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि महामाया मंदिर कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान देगा. यह परियोजना न केवल आस्था का प्रतीक बनेगी, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में भी सहायक होगी.

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें