छत्तीसगढ़ में ठंड का अटैक : मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट किया जारी, 7 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
Thu, Dec 11, 2025
रायपुर -
मौसम विभाग ने सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर संभाग के दो से तीन क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। मैनपाट, अंबिकापुर, पेंड्रा, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखाई दिया। मैनपाट में रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जिसके कारण ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गईं।
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री, पेंड्रा में 8.6 डिग्री, जगदलपुर में 9.1 डिग्री, दुर्ग में 9 डिग्री और राजनांदगांव में 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 29.4 डिग्री जगदलपुर में और न्यूनतम 5 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
अगले दो दिनों तक गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहने की संभावना है।
रायपुर में नगर निगम की अलाव व्यवस्था
रायपुर में शीतलहर बढ़ने के साथ नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर के कई स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक जगहों पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को तुरंत राहत मिल सके।
मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर अलाव की व्यवस्था की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने : जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण….
Wed, Dec 10, 2025
रायपुर:
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।