कोलकाता : ममता का बड़ा हमला: शाह को बताया ‘खतरनाक’, कहा—SIR के नाम पर महिलाओं के अधिकार छीनने की साज़िश
Jagbhan Yadav
Thu, Dec 11, 2025
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अब तक का सबसे सीधा और तीखा हमला बोला है। गुरुवार को कृष्णानगर की रैली में उन्होंने शाह को “खतरनाक” बताते हुए कहा कि उनकी एक आंख में दुर्योधन और दूसरी में दुशासन दिखाई देता है। ममता ने इसे लोकतंत्र, मतदाता सूचियों और महिलाओं के अधिकारों पर “सीधा प्रहार” बताया।
ममता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के पुनरीक्षण को भाजपा राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उनका दावा है कि अक्टूबर से 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया चल रही है, जिसका उद्देश्य गलत मतदाताओं के नाम हटाना नहीं, बल्कि ‘‘चुनाव से पहले नए वोट जोड़कर भाजपा को फायदा पहुंचाना’’ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थक अधिकारियों को दिल्ली से भेजा जा रहा है, जो जिलाधिकारी स्तर पर निगरानी कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि बंगालियों को ‘‘बांग्लादेशी बताकर’’ डिटेंशन कैंप भेजने की तैयारी हो रही है, जबकि बंगाल का मामला बिल्कुल अलग है।
महिलाओं को संबोधित करते हुए ममता का बयान
ममता बनर्जी ने SIR को लेकर महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया उनके अधिकारों को छीन सकती है। उन्होंने कहा—
“अगर आपके नाम काट दिए गए तो आपके पास किचन के बर्तन हैं, उनसे लड़ो। अपने नाम को सूची से कटने मत देना। महिलाएं आगे आएंगी और पुरुष उनके पीछे चलेंगे।”
ममता ने दावा किया कि केंद्र चुनाव से ठीक पहले SIR को “राजनीतिक हथियार” बनाकर उपयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह वोटों के इतने इच्छुक हैं कि विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले ही मतदाता सूची की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है।
अमित शाह का पलटवार—‘लोकतंत्र को प्रदूषित होने से बचा रहे हैं’
गृह मंत्री अमित शाह ने ममता के आरोपों को राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया देशभर में लोकतांत्रिक शुचिता स्थापित करने और मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए की जा रही है। शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ दल मतदाता सूची शुद्धिकरण का विरोध कर रहे हैं क्योंकि ‘‘उन्हें घुसपैठियों के वोट चाहिए’’।
गैर-राजनीतिक मुद्दे पर भी विवाद—नॉनवेज बेचने वालों की पिटाई पर ममता का बयान
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुए ‘गीता पाठ कार्यक्रम’ के दौरान नॉनवेज बेचने वाले दो विक्रेताओं पर हुए हमले की ममता बनर्जी ने तीखी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बंगाल है, ‘‘यहां यूपी जैसी गुंडागर्दी नहीं चलेगी।’’ पुलिस ने वीडियो और सबूतों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
ममता ने कहा कि राज्य में ‘‘सांप्रदायिक विभाजन’’ की संस्कृति लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह सभी धर्मों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा कि गीता पढ़ने के लिए सार्वजनिक सभा की जरूरत नहीं है—“जो भगवान या अल्लाह से प्रार्थना करता है, वह मन से करता है, धर्म बांटने के लिए नहीं, जोड़ने के लिए है।”
हमले की घटना पर कार्रवाई
7 दिसंबर को 'पांच लाख कंटे गीता पाठ' कार्यक्रम के दौरान कोलकाता और हुगली के दो विक्रेता चिकन पट्टी बेच रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन पर हमला किया। आरोपियों ने दुकानदारों का सामान फेंका और कान पकड़कर ‘सिटअप्स’ करवाए। इसके बाद मामला वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज किया गया और पुलिस ने तीन युवकों—सौमिक गोल्डर (23), स्वर्णेंदु चक्रवर्ती (32) और तरुण भट्टाचार्य (51)—को गिरफ्तार किया।
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