: लगातार तीसरी बार मोदी सरकार: पहली बार गठबंधन सरकार से होगा पीएम मोदी का सामना, बड़े एजेंडे पर पड़ेगा असर?
सीएम-पीएम रहते हुए अब तक नरेंद्र मोदी ने भाजपा की बहुमत की सरकार चलाई है। इस बार 12 सहयोगी दलों से तालमेल कर सरकार चलानी होगी। अब गठबंधन की सरकार में चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार मजबूत स्थिति में होंगे। वहीं इसका असर यूसीसी, एक देश एक चुनाव जैसे बड़े एजेंडे पर भी पड़ेगा…

नईदिल्ली (ए)। 18वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे अब लगभग स्पष्ट हो गए हैं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने पूर्ण बहुमत तो हासिल कर लिया है लेकिन एग्जिट पोल में बताए जा रहे आंकड़े से एनडीए पीछे रह गई. साथ ही पिछले दो चुनावों में एनडीए को जितनी सीटें मिली थी वो भी इस बार नहीं मिली. 2024 में एनडीए को 294 सीटें मिल गई हैं. तो वहीं इंडिया ब्लॉक भी 232 का आंकड़ा छू गया है. इस बार 96.88 करोड़ मतदाताओं में से 64.2 करोड़ मतदाताओं ने वोट देकर रिकॉर्ड बनाया है।

उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के नतीजों ने चौंकाया है। भाजपा जैसा उम्मीद कर रही थी उसके विपरीत परिणाम आया है। आज मोदी कैबिनेट की आज आखिरी कैबिनेट मीटिंग होगी वही शाम को राष्ट्रपति मोदी कैबिनेट को रात्रि भोज पर बुलाया है। वही मोदी 3.0 की शपथ ग्रहण समारोह संभवत 9 जून को हो सकती है। भाजपा इस लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, भाजपा को अकेले 241 सीट मिला है जबकि एनडीए एलाइंस को 294 सीट मिला है जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है।
वीआईपी और चर्चित सीटों की बात करे तो वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम मोदी 152513 वोट से जीतकर तीसरी बात वाराणसी से सांसद बने। पीएम की जीत का जश्न पूरे वाराणसी में मनाया जा रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता ढोल-नगाड़े के साथ थिरकते नजर आये।
कौशाम्बी लोकसभा सीट से दिग्गज भाजपा नेता विनोद सोनकर को पराजित करने वाले सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज देश के सबसे कम उम्र के सांसद निर्वाचित हुए हैं। इसी साल एक मार्च को उन्होंने 25 वर्ष की आयु पूरी की है। जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि कौशाम्बी की जनता ने नौजवान को सांसद बनाया है। यहां की समस्याओं को मैं संसद में उठाऊंगा। जनपद की जनता ने सबसे कम उम्र के युवा को चुनाव जिताकर एक इतिहास कायम किया है।

गाजीपुर लोकसभा सीट पर अनोखा परिणाम आया है. यहां बेटी अपने पिता से चुनाव हार गई. इस सीट पर समाजवादी पार्टी के अफजाल अंसारी 1 लाख 15 हजार 808 वोटों से आगे हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के पारसनाथ राय से था. इस सीट पर अफजाल ने अपनी बेटी नुसरत का भी नामांकन कराया था. नुसरत, सपा के सब्स्टीट्यूट कैंडिडेट के तौर पर थीं।
बीजेपी उम्मीदवार सुरेश गोपी ने केरल की त्रिशूर लोकसभा सीट पर बड़ी जीत हासिल की है. इसके साथ ही इतिहास में पहली बार बीजेपी ने केरल में अपना खाता खोला है. इस चुनाव में सुरेश गोपी ने अपने प्रतिद्वंद्वी सीपीआई के वी एस सुनील कुमार को 74689 मतों से हराया है।
उत्तर प्रदेश की अयोध्या मतलब फैजाबाद सीट से एनडीए के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। लोकसभा में ये हार बीजेपी के लिए शर्मनाक तो इंडिया गठबंधन के लिए ऐतिहासिक जीत बन गई है। भव्य राम मंदिर के निर्माण और विकास प्रोजेक्ट्स के बावजूद, इंडी गठबंधन और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने बीजेपी के प्रत्याशी लल्लू सिंह को पछाड़ दिया।

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा सीट से भाजपा के विवेक बंटी साहू ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सीएम कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को हरा दिया है।
मंडी संसदीय सीट पर मुख्य मुकाबला कंगना और विक्रमादित्य सिंह के बीच ही रहा। कंगना ने कुल 537022 वोट हासिल किए। वहीं विक्रमादित्य सिंह को 462267 वोट मिले। इस प्रकार कंगना ने 74755 मतों से जीत हासिल की। वही हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी जीत दर्ज की है।
बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से सीपीआई-एम के राजाराम सिंह ने जीत दर्ज की है. इस सीट पर भोजपुरी स्टार पवन सिंह दूसरे नंबर पर रहे. वहीं, उपेंद्र कुशवाहा तीसरे नंबर पर रहे।
विदिशा से जीत दर्ज करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह जनता की जीत है. पीएम मोदी के नेतृत्व में हमें यह जीत मिली है। यूपी की मैनपुरी सीट से डिंपल यादव ने जीत दर्ज की है। उन्होंने 2.21 लाख वोटों से जीत दर्ज की है। भाजपा के जयवीर सिंह दूसरे स्थान पर रहे।
यूपी की हाईप्रोफाइल लोकसभा सीट अमेठी के परिणाम हैरान करने वाले रहे। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को करीब एक लाख 45 हजार वोटों से हरा दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी को इस बार 3 लाख 40 हजार 693 मत मिले जबकि किशोरी लाल शर्मा को 4 लाख 86 हजार 166 मत मिले।
कैराना लोकसभा सीट पर आए चुनाव परिणाम ने हर किसी को चाैंका दिया है। यहां सपा प्रत्याशी इकरा हसन ने भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चाैधरी को कड़ी टक्कर दी है। इकरा हसन अपने भाई को जेल से छुड़ाने के लिए लंदन से आई थीं, लेकिन यहां राजनीति में उनकी दिलचस्पी इस कदर पैदा हुई कि वे दो वर्ष में ही सांसद बन गईं।

इंदौर में बने तीन रिकॉर्ड
1. भाजपा के शंकर लालवानी को मिले 12 लाख 26 हजार 751 वोट। भाजपा ने यहां पर अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। देश में सबसे ज्यादा वोट मिले।
2. सांसद शंकर लालवानी ने देश में सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है। जीत का अंतर 1,00,8077 है। इससे पहले, 2019 में सबसे बड़ी गुजरात की नवसार सीट के नाम पर थी। वहां भाजपा के सीआर पाटिल नवसार सीट से 6.90 लाख वोटों से जीते थे।
3. नोटा को पहली बार देश में 2,18,674 ज्यादा वोट मिल गए हैं। अब तक देश में रिकॉर्ड बिहार की गोपालगंज सीट के नाम पर था। उसे 2019 में देश में सबसे ज्यादा 51,600 वोट मिले थे।
तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी और अमित शाह का आभार प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा ‘आज मेरा हृदय कृतज्ञता से भर गया है। मैं अपने राज्य के लोगों को उनकी सेवा के लिए टीडीपी-जेएसपी-बीजेपी गठबंधन को भारी जनादेश का आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद देता हूं।
लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद, INDI गठबंधन के नेता आज शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक करेंगे। बैठक में INDI गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसके अलावा इस बैठक में नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से संपर्क करने के बारे में भी फैसला होगा।
गौरतलब है, वर्ष 2001 में अचानक गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए नरेंद्र मोदी ने राज्य में तीन बार बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व किया। इसके बाद जब राष्ट्रीय राजनीति में आए तब दो बार केंद्र में बहुमत की सरकार की कमान संभाली। भाजपा के अपने दम पर बहुमत से चूकने के कारण करीब 23 साल बाद पीएम पहली बार गठबंधन की सरकार के मुखिया होंगे।
12 सहयोगियों का है लोकसभा में प्रतिनिधित्व
इस चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर 240 सीटें हासिल की हैं। यह बहुमत से 22 कम है। दूसरी ओर टीडीपी के 16 तो जदयू के 12 सांसद जीते हैं। इन दोनों दलों के संयुक्त सीटों की संख्या 28 है। शिवसेना शिंदे गुट की सात सीटें हैं। इसके अलावा लोजपा (आर) ने पांच, जेएनपी, रालोद दो-दो, एनसीपी, अपना दल, एजीपी, हम, आजसू और एजीपी के पास एक-एक सीटें हैं। जाहिर तौर पर गठबंधन में नायडू, नीतीश का मजबूत दखल होगा। इसके अलावा शेष दस दलों को भी साधे रखने की चुनौती होगी।

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