Monday 8th of June 2026

ब्रेकिंग

कुंडू के अंग दान से दो को मिला नया जीवन

ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

को 4.06 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कई अहम मुद्दों पर लगेगी मुहर

इस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले, 165 का हुआ ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

विनोद जी की रचनाओं में है छत्तीसगढ़ के जीवन का मंथर लय : - प्रो. सियाराम शर्मा

Jagbhan Yadav

Fri, Dec 26, 2025

विनोद कुमार शुक्ल याद किए गए

जन संस्कृति मंच के शोक सभा में जुटे साहित्यकार

सुप्रसिद्ध कवि कथाकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के निधन से संपूर्ण साहित्य जगत में रिक्तता और मायूसी का माहौल है। उनका विपुल साहित्य और सादगी भरा जीवन रचनाकारों के लिए प्रेरणापुंज है। उनकी स्मृति में जन संस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई इकाई ने शोक सभा का आयोजन हिंदी डिजिटल कक्ष कल्याण महाविद्यालय भिलाई में किया। उपस्थित साहित्यकारों और पाठकों ने शुक्ल जी को शिद्दत से याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

आलोचक सियाराम शर्मा ने विनोद जी से जुड़े अपने अमूल्य पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि एक बड़ा रचनाकार वह होता है, जो किसी समाज, देश के जीवन की लय को पकड़ लेता है। छत्तीसगढ़ के जीवन का मंथर लय विनोद जी की रचनाओं में खूब दिखाई देता है।आदिवासियों के जीवन संघर्ष और भय को लेकर मुख्यधारा के सशक्त कवियों में विनोद जी अग्रणी हैं।

कवि परमेश्वर वैष्णव ने विनोद जी को याद करते हुए कहा "उनका सहसा जाना छत्तीसगढ़ सहित समूचे विश्व के लिए अपूरणीय क्षति है।"

प्रसिद्ध कथाकार कैलाश बनवासी ने उनके व्यक्तित्व के माध्यम से अपने सपनों की दुनिया रचने की विनोद जी की ललक की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विनोद जी की रचनाओं में छत्तीसगढ़िया की सुगंध बसी है।

अंचल के जाने-माने कथाकार लोकबाबू ने अपने संस्करणों में विनोद जी को याद किया।

कवयित्री पूर्णिमा साहू ने विनोद कुमार शुक्ल जी का संक्षिप्त जीवन परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने शुक्ल जी को समर्पित अपनी कविता 'सायकिल' का पाठ भी किया।

रंगकर्मी शालिनी त्रिपाठी ने शुक्ल जी को काव्यमयी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंचल के विशिष्ट कवि घनश्याम त्रिपाठी ने शुक्ल जी से अपने पहले मिलन के अनुभव को साझा किया।

युवा आलोचक अंबरीश त्रिपाठी ने शुक्ल जी के साथ अपनी स्मृतियों को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे एक सर्जक थे और सर्जना के माध्यम से वे हमारे बीच हमेशा मौजूद रहेंगे।

रचनाकार मीना गुप्ता जी ने कहा कि यथार्थ को देखने का उनका अपना एक नज़रिया था।

अभिषेक पटेल ने 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' उपन्यास के माध्यम से विनोद जी की भाषागत विशिष्टताओं को रेखांकित किया।

प्रसिद्ध शायर मुमताज ने लीलाधर मंडलोई, विष्णु नागर के साथ विनोद जी से आत्मीय मिलन की स्मृ‌तियों को साझा किया।

कवि विजय वर्तमान ने विनोद जी पर केंद्रित अपनी कविता का पाठ किया।

शायर नौशाद सिद्दीकी ने शेर पढ़ते हुए श्रद्धांजलि दी-

ग़म में डूबी हुई ये फिजाएं हैं, सिसकियां लेती अब ये हवाएं हैं।

रूह विनोद कुमार शुक्ल जी की सुकून पा जाए सब के होठों पे ये दुआएं हैं।

श्रद्धांजलि सभा का संचालन अशोक तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन एन. पापाराव ने किया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें