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कांग्रेस में बगावत की लपटें! : एक साथ 30 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा...

Jagbhan Yadav

Sat, Dec 20, 2025

जावद : मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर खुली बगावत देखने को मिली है। जहां जावद विधानसभा में ब्लॉक अध्यक्षों की हाल ही में हुई नियुक्तियों के विरोध में 30 से अधिक ब्लॉक, नगर और बूथ स्तर के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए हैं। इतना ही नहीं व्ह्ट्स एप पर नियुक्तियों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नियुक्तियों पर एतराज नहीं लेकिन किसी बाहरी कार्यकर्ता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुल मिलाकर स्थानीय कार्यकर्ता बनाम बाहरी नेतृत्व में सीधा टकराव देखने को मिल रहा है।

दरअसल, कांग्रेस ने रतनगढ़ में शंभू चारण और सिंगोली में सत्तूलाल धाकड़ सहित जिले में 11 ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए। लेकिन रतनगढ़ और सिंगोली में विरोध देखने को मिला ऐसे में 30 पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफा सौंप दिया। जिनमें नगर अध्यक्ष, किसान कांग्रेस पदाधिकारी, बीएलए-2, बूथ प्रभारी आदि नेता मौजूद हैं। उनका कहना है कि 'हमें नियुक्तियों से विरोध नहीं है, लेकिन जावद पर बाहर से नेतृत्व थोपना मंजूर नहीं।'

नाराज पदाधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस जावद में 22 साल का सूखा झेल रही है। ऐसे में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती की जरूरत है लेकिन इसके विपरीत बाहरी नेता को जावद के फैसले लेने की राजनीति ने पुराने और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को हाशिये पर धकेल दिया। पूरे मामले मे सबसे ज्यादा विरोध समंदर पटेल और रतनगढ़ में शंभू चारण का हो रहा है। नेताओं का कहना है कि जिन लोगों पर विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए काम करने के आरोप लगे, उन्हें ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया। संगठन में निष्ठा और संघर्ष की जगह पैसा और सिफारिश को तरजीह दी जा रही है। नाराज पदाधिकारियों का कहना है कि भले ही हमारे दादा-परदादा ने आजादी की लड़ाई में झंडा उठाया था, लेकिन झंडे उठाने का मतलब गुलामी नहीं,कि कोई बाहर से आकर राजनीति करे और हम चुपचाप माला पहनाते रहें।'

वहीं पूरे मामले में कांग्रेस नेता समंदर पटेल ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं है। जिन लोगों को पद नहीं मिला, वही लोग इस्तीफा दे रहे हैं। संगठन में उत्साह है। राजनीति में पद सीमित होते हैं, लेकिन चाह सभी की होती है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।' वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी इसे 'मामूली नाराजगी' बताया है। उन्होंने बैठक के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।

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