: दुर्ग : लुटेरी दुल्हन कांड: पहचान छुपाकर बड़े व्यवसायी को बनाया शिकार , शादी कर लाखो की ठगी कर हुई फरार , पुलिस ने इंदौर से फर्जी भाई को किया गिरफ्तार....
Jagbhan Yadav
Thu, Jan 16, 2025
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग पुलिस को लुटेरी दुल्हन कांड में बड़ी सफलता मिली है। इंदौर, मध्य प्रदेश से पुलिस ने दुल्हन के फर्जी भाई को हिरासत में लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
एएसपी अभिषेक झा ने जानकारी दी कि दुर्ग के शनिचरी बाजार क्षेत्र में रहने वाले संतोष जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। संतोष जैन, जो शहर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, के पिता उनके विवाह के लिए उपयुक्त लड़की की तलाश कर रहे थे।

इसी दौरान सरला जैन नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को इंदौर निवासी बताया। उसने एक उपयुक्त रिश्ता होने की बात कही और युवक को दुल्हन के कथित भाई से मिलवाया। रिश्ते की सहमति के बाद 17 मार्च 2023 को संतोष जैन का विवाह भारती जैन नामक महिला से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
विवाह के कुछ ही दिनों बाद भारती ने महंगे सामानों की मांग शुरू कर दी। संतोष के परिवार ने उसकी मांगों को पूरा किया, लेकिन उसकी इच्छाएं बढ़ती ही गईं। इन कारणों से परिवार और भारती के बीच विवाद शुरू हो गए।
16 जून 2023 को, संतोष जैन ने इस मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई। जब परिवार को भारती पर शक हुआ, तो उन्होंने उससे उसके परिवार के दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य आईडी की मांग की। भारती ने कुछ दिन टालमटोल किया, लेकिन जब संतोष का परिवार नहीं माना तो उसने दहेज केस में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी।
संतोष ने गहराई से जांच-पड़ताल की, जिससे यह सामने आया कि भारती पहले भी एक युवक से शादी कर चुकी थी और उसकी एक 2 महीने की बच्ची भी थी। उसने उस युवक को भी लूटने के बाद तलाक दे दिया था।
इन खुलासों के बाद संतोष ने पुलिस को पूरी सच्चाई बताई। हालांकि, पुलिस कार्रवाई से पहले ही भारती घर से नकदी और सामान लेकर फरार हो चुकी थी।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों ने अपनी असली पहचान छुपाई थी। दुल्हन का कथित भाई, जिसने खुद को संतोष जैन बताया था, असल में संतोष शर्मा था। लुटेरी दुल्हन का असली नाम भारती नरगावेप था। सरला जैन बनकर रिश्ता तय कराने वाली महिला का असली नाम सरला जाधव उर्फ हर्षा था। रिश्तेदार के रूप में शामिल महावीर गांधी की असली पहचान शिवराज जाधव के रूप में हुई। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
परिवार ने बताया कि जब कुलदेवी पूजा में जाने के लिए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मांगे गए, तो भारती ने बहस शुरू कर दी। शक गहराने पर परिवार ने उसकी असली पहचान उजागर की। इसके बाद, मौका पाकर वह घर से नकदी और कीमती सामान लेकर भाग गई।
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