: संविधान के 75 वर्ष : चुनौतियां और संघर्ष
Jagbhan Yadav
Sun, Jan 19, 2025
राज्य स्तरीय कन्वेंशन सम्पन्न
संविधान के 75 वर्ष : चुनौतियां और संघर्ष
राज्य स्तरीय कन्वेंशन सम्पन्न
भिलाई!
ऑल इंडिया लायर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (आइलाज)और ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम (एआईपीएफ) छत्तीसगढ़ द्वारा संविधान और गणतंत्र की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर "संविधान बचाओ - गणतंत्र बचाओ" जन अभियान के तहत एक राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन गया. यह कन्वेंशन संविधान के 75 वर्ष : चुनौतियां और संघर्ष . विषय पर 18 जनवरी 2025, को स्थान - सड़क 6, सेक्टर 2, भिलाई, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़.* मे आयोजित किया गया.
कन्वेंशन को आइलाज से विरेन्द्र उके,एआईपीएफ से अखिलेश एडगर, ऐक्टू से श्यामलाल साहू,जन संस्कृति मंच से कैलाश वनवासी, छत्तीसगढ़ किसान महासभा से नरोत्तम शर्मा, लोकतांत्रिक विचार मंच से राज कुमार गुप्ता आदि लोगों ने संबोधित किया. कन्वेंशन का संचालन बृजेन्द्र तिवारी ने किया.
कन्वेंशन की शुरुआत आजादी के आंदोलन में शहीदों को एक मिनट का मौन धारण कर श्रद्धाजंलि दी गई और संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक किया गया.
कन्वेंशन मे बाबा साहब अंबेडकर को लेकर अमित शाह और देश की आजादी को लेकर मोहन भागवत के बयान की निंदा की गई.वे लोग आजादी के आंदोलन, गणतंत्र और संविधान को तहस-नहस करने में लगे हैं.

हमें बड़ी एकजुटता के आधार पर इन्हें चुनौती देने की जरुरत है. देश को आगे बढ़ाने के लिए संविधान पंसद जनता को मिलकर आगे बढ़ना होगा.
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज हमें डाक्टर अंबेडकर की उन स्पष्ट चेतावनियों की याद दिलाता है जो संविधान और भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में बाधाओं और खतरों को लेकर दी थी. आज भगतसिंह और डाक्टर अंबेडकर पहले से ज्यादा जरूरी हैं. हमें जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष के झंडा को बुंलद करना होगा.देश खतरे का सामना कर रहा है जिसे हमें हिम्मत,धैर्य,एकता और आंदोलन से जवाब देना होगा.
कन्वेंशन मे स्वतंत्रता, समानता , भाईचारे और न्याय की संवैधानिक दृष्टि का प्रसार करने का संकल्प लिया गया.
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