आबकारी SI भर्ती पर संकट : चयन सूची निरस्त, नियुक्ति आदेश वापस
Thu, Jan 22, 2026
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में चयनित उप निरीक्षकों (SI) की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार के ताजा आदेश ने चयनित अभ्यर्थियों को गहरा झटका दिया है। आबकारी विभाग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आबकारी उप निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
अपर आयुक्त आबकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी कारणों के चलते आबकारी SI के पदों पर की गई स्थापना फिलहाल रद्द की जाती है। इस फैसले के बाद चयनित उम्मीदवारों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि आबकारी उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में किया गया था। परीक्षा परिणाम और चयन सूची जारी होने के बाद उम्मीदवार नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब अचानक नियुक्ति आदेश निरस्त होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल विभाग की ओर से तकनीकी कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस निर्णय लेगी। मामले को लेकर अब युवाओं में आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आबकारी SI भर्ती पर ब्रेक : मंत्री देवांगन बोले: तकनीकी खामी से रद्द हुआ आदेश
Thu, Jan 22, 2026
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ में आबकारी उप निरीक्षक भर्ती को लेकर सरकार ने नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि चयन सूची बिना अनिवार्य अनुमोदन जारी हुई थी, जिस कारण यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नई सूची जारी करने का भरोसा दिलाया है।
मंत्री लखन लाल देवांगन का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी चयन सूची का अनुमोदन आबकारी मंत्री और विभागीय सचिव से होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही चयन सूची जारी कर दी गई थी इसलिए आदेश को रद्द करना पड़ा। मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि इस लापरवाही को लेकर आबकारी सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा कर एक से दो दिन के भीतर चयन सूची दोबारा जारी कर दी जाएगी।
बता दें कि पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पद कार्यालयीन आदेश द्वारा जारी नियुक्ति आदेश तकनीकी कारणों से निरस्त किया जाता है” गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में आबकारी उप निरीक्षक के पद पर 85 अभ्यर्थियों को नियुक्ति हेतु चयनित किया गया था। नए साल की शुरुआत में सभी चयनित अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों के परीक्षण, प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना था।
मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि : चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी
Thu, Jan 22, 2026
रायपुर।
नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।