रायपुर में भाजपा सहयोग केंद्र फिर होगा शुरू : चार दिन चार मंत्री करेंगे समस्या निराकरण
Mon, Feb 2, 2026
रायपुर ।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके क्षेत्रों की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश के सभी मंत्रियों को बारी-बारी से ठाकरे परिसर स्थित सहयोग केंद्र में बैठक कर समस्याएं सुनने और उनका निराकरण करने के लिए कहा गया था। इस पहल की शुरुआत वर्ष 2024 में की गई थी, जिसके तहत मंत्री स्वयं बैठकर कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम जनता की समस्याएं सुनते रहे।
हालांकि, एक बार शुरू होने के बाद सहयोग केंद्र बंद हो जाने से कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इसके दोबारा शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। बीते वर्ष अक्टूबर में इसे पुनः प्रारंभ किया गया, लेकिन दीपावली को देखते हुए यह व्यवस्था महज दो सप्ताह ही चल पाई। इस दौरान मंत्रियों के समक्ष एक हजार से अधिक समस्याएं और मांगें सामने आईं, जिनमें से लगभग आधी समस्याओं का तत्काल समाधान कर दिया गया था।
अब एक बार फिर सहयोग केंद्र में बैठकों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। 3 फरवरी को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे, उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय रहेंगे। 4 फरवरी को कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल समस्याएं सुनेंगे, उनके साथ प्रदेश भाजपा महामंत्री अखिलेश सोनी मौजूद रहेंगे। 5 फरवरी को श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन प्रदेश भाजपा महामंत्री यशवंत जैन के साथ उपस्थित रहेंगे। वहीं 6 फरवरी को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सहयोग केंद्र में समस्याएं सुनेंगे, जिनके साथ प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रंजना साहू उपस्थित रहेंगी।
सतत विकास के लिए प्रकृति के साथ संतुलन आवश्यक : : राज्यपाल डेका
Mon, Feb 2, 2026
राज्यपाल ने संरक्षण क्षमता महोत्सव का उद्घाटन किया
रायपुर।
पेट्रोलियम उत्पादों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों के सहयोग से संरक्षण क्षमता महोत्सव ‘सक्षम 2025-26’ का आयोजन 1 से 14 फरवरी तक किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन रविवार को राज्यपाल रमेन डेका ने किया।
इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने कहा कि सक्षम एक अत्यंत महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सभ्यता के विकास के साथ मानव को ऊर्जा के अनेक साधन प्राप्त हुए हैं, लेकिन इनके अत्यधिक उपयोग से प्रकृति और भावी पीढ़ियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अतिरिक्त दोहन से नुकसान होता है, इसलिए सतत विकास के लिए प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। स्वच्छ हवा और स्वच्छ पानी हमारे मूलभूत अधिकार हैं। नदियों और पेड़ों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में सुरक्षित रखना चाहिए।
राज्यपाल ने कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग और माइक्रो-प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि माइक्रो-प्लास्टिक का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और यह अब माता के दूध में भी पाया जा रहा है। प्रकृति को सबसे अधिक नुकसान मनुष्य स्वयं पहुंचा रहा है, इसलिए शिक्षा और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि जागरूकता केवल बोलने से नहीं आती, बल्कि इसे हमारी दिनचर्या और आदतों का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने बिजली के दुरुपयोग को रोकने और हर स्तर पर ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल के सीमित होने पर हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसके लिए ग्रीन एनर्जी और सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ाना होगा। अत्यधिक पेट्रोल ,डीजल उपयोग से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है, इसलिए संतुलन बनाना जरूरी है।
उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने का आह्वान करते हुए जल संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। बड़े किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण करना चाहिए, जिससे सामूहिक लाभ हो सके। साथ ही पुराने तालाबों और डबरियों के पुनर्जीवन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है और समाज के प्रति हमारा भी दायित्व बनता है।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन नितिन चव्हाण राज्य स्तरीय समन्वयक एवं मंडल प्रमुख इंडियन ऑयल द्वारा दिया गया। आभार प्रदर्शन हिंदुस्तान पैट्रोलियम के नितिन श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर इंडियन ऑयल, भारत पैट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तथा गेल के वरिष्ठ अधिकारी गण कर्मचारी, विद्यार्थी तथा नागरिक उपस्थित थे।
औद्यौगिक : कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट : लखन लाल देवांगन
Mon, Feb 2, 2026
रायपुर।
वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
देवांगन ने कहा कि बजट में MSME और बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में माइनिंग आधारित औद्योगिक कॉरिडोर, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क की स्थापना से राज्य का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आर्थिक ऋण गारंटी और कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य के उद्यमियों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उद्योग-हितैषी वातावरण बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के प्रावधान से स्थानीय इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।
मंत्री देवांगन ने कहा कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंटेंट इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से डिजिटल उद्योग, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खुलेंगे। वहीं, बेहतर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। छोटे किसानों की उद्यमशीलता, पशुधन विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और 500 अमृत जलाशयों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
देवांगन ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और समग्र विकास के माध्यम से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।