जेल से बाहर आएंगी सौम्या चौरसिया : हाई कोर्ट ने दी बेल; 3200 करोड़ के घोटाले में थीं आरोपी
Sun, Mar 1, 2026
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया।
SC के निर्देश पर हुई त्वरित सुनवाई
जानकारी के अनुसार, सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया था। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट को निर्देश दिए थे कि इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। इसी समयसीमा का पालन करते हुए हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनीं और अपना फैसला सुनाया।
किन शर्तों पर मिली जमानत
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सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया के वकीलों ने तर्क दिया कि, इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ‘समानता के सिद्धांत’ के आधार पर सौम्या चौरसिया भी राहत की हकदार हैं। गिरफ्तारी और ईडी (ED) की कार्रवाई की प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई। अदालत ने इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए उन्हें जमानत दे दी, हालांकि उन्हें कोर्ट द्वारा तय की गई कड़ी शर्तों का पालन करना होगा।
क्या था 3200 करोड़ का शराब घोटाला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में छत्तीसगढ़ में तत्कालीन सरकार के दौरान एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ था। जिसमें 3200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने हुआ था। ED ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त इस सिंडिकेट के जरिए अवैध उगाही की गई और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सौम्या चौरसिया को जेल से बाहर आने के लिए मुचलका और जमानत की शर्तों को पूरा करना होगा। वही इस शराब घोटाले और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की मुख्य सुनवाई और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री : साय ने महिला कृषक बसंती को दी बधाई
Sat, Feb 28, 2026
प्रोत्साहन राशि मिलने पर बसंती ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
रायपुर।
जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर जिले से वर्चुअल तौर पर जुड़े मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के मुंडापाल की महिला कृषक बसंती कश्यप से रूबरू होकर उन्हें समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि मिलने की बधाई देते हुए उक्त राशि के उपयोग के बारे में पूछा।
इस पर बसंती कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में साढ़े तीन एकड़ पैतृक कृषि भूमि है जिसमें धान की उन्नत खेती करते हैं। इस वर्ष 50 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किए थे, जिसकी एक लाख 18 हजार रुपए राशि तुरंत बैंक खाते में जमा हुई थी। जिससे आवास बनाने और खेती किसानी के लिए उपयोग किए। आज जो प्रोत्साहन राशि 36 हजार रुपए मिली है उसे कुक्कुटपालन के विस्तार सहित होली त्योहार मनाने के लिए उपयोग करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय का आभार जताया।
उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती किसानी के साथ ही कुक्कुटपालन भी कर रहा है जिससे अच्छी आमदनी हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए अब अपने कुक्कुटपालन गतिविधि को और ज्यादा बढ़ाने का निर्णय लिया है और अब 300 से अधिक कुक्कुट रखेंगी। जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो। उन्होंने शासन की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित होने की जानकारी देते हुए किसान हितैषी फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।
किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
Sat, Feb 28, 2026
मुख्यमंत्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित
263.17 करोड़ के 89 कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास से जिले को मिलेगी विकास की नई रफ्तार
होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगात
बिलासपुर के रहंगी से मुख्यमंत्री ने किया प्रदेशभर के किसानों से वर्चुअल संवाद
सतनामी एवं आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50-50 लाख रुपए की घोषणा
रायपुर, 28 फरवरी 2026
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी का संकल्प पूरा होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।
कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई सहित विकास के सभी आयामों में बेहतर कार्य हुआ है और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को धान के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया है।
मुख्यमंत्री से संवाद कर किसानों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसान हितग्राहियों से संवाद किया। जगदलपुर की महिला हितग्राही बसंती कश्यप ने बताया कि उनके खाते में 36 हजार रुपए की राशि आई है, जिससे वे होली का त्योहार अच्छे से मनाएंगे। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि उन्होंने 73 क्विंटल धान बेचा था और 53 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि को वे घर बनाने में खर्च करेंगे। जांजगीर जिले के किसान समर्थ सिंह ने बताया कि उन्हें 1 लाख 41 हजार रुपए अंतर की राशि मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संचालक कृषि राहुल देव, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।