CG – स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की पत्नी ले रही गलत तरीके से इस योजना : पति ने खुद की अपने पत्नी की शिकायत, फिर ज
Jagbhan Yadav
Mon, Dec 8, 2025
धमतरी। जिले में महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जहां सरकारी कर्मचारी की पत्नी नियम विरुद्ध तरीके से पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। इसकी शिकायत खुद महिला के पति ने की है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी ने बताया है कि उसकी पत्नी उसके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने के बावजूद भी गलत तरीके से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है, जिस पर उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की जाए पति की शिकायत के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और जिला प्रशासन ने इसकी जांच करवाने का निर्णय लिया है।
धमतरी जिले में सामने आए इस मामले में सरकारी कर्मचारी गजेंद्र सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने झूठी जानकारी दे कर पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले लिया। उसने पति के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी नहीं दी। पूनम सिन्हा ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए झूठी जानकारी पेश की। अब स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ उनके पति गजेंद्र सिन्हा इस गड़बड़ी का खुलासा करने के लिए खुद सामने आए हैं। उन्होंने धमतरी कलेक्टर को शिकायत सौंप कर पत्नी पूनम सिन्हा के महतारी वंदन योजना के लिए भरे गए फॉर्म और शपथ पत्र की जांच की मांग की है।
गजेंद्र सिन्हा ने बताया है कि वह बालोद जिले के गुरुर तहसील के ग्राम दर्रा का रहने वाला है और कांकेर के कोरर में स्वास्थ्य विभाग में आरएमए के पद पर तैनात है। नियम के तहत किसी सरकारी कर्मचारी की पत्नी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं है। लेकिन उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने उनके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी अपने फार्म में छुपाई और पति के कृषि कार्य में संलग्न होने की जानकारी देकर मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। खुद हितग्राही महिला के पति ने अपनी पत्नी के मार्च 2024 से योजना का लाभ लेने की पुष्टि की है।
गलत जानकारी देकर महिला पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है और इस बात की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग को भी नहीं है। यह न केवल महतारी वंदन योजना की पात्रता पर सवाल खड़ा करती है बल्कि यह भी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपात्र लोग किस तरह से गलत शपथ पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।
वहीं इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी महेश मरकाम ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि इसकी विधिवत जांच की जा रही है। यदि जांच में मामला प्रमाणित पाया जाता है तो रिकवरी के अलावा कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
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