रायपुर में NIT चौपाटी हटाने पर संग्राम तेज: : कांग्रेस का काला कपड़ा पहनकर प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक के बाद मार्च रोका गया
Jagbhan Yadav
Sat, Nov 29, 2025
रायपुर में एनआईटी चौपाटी को हटाने और उसे अमानाका क्षेत्र में शिफ्ट किए जाने को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस ने इस फैसले को एकतरफा और मनमाना बताते हुए आज फिर विरोध मार्च निकाला। काले कपड़े पहनकर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन देने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांधी मैदान स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही रोक दिया।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में निकले इस मार्च को रोकने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झूमाझटकी भी देखने को मिली। कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में कांग्रेस नेताओं की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत हुई, जिसके बाद सभी कार्यकर्ता वापस लौट गए।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार चौपाटी को हटाने के फैसले को जल्दबाज़ी में लागू कर रही है, जबकि इसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों की आजीविका पर पड़ेगा। पार्टी ने सरकार की नालंदा–2 निर्माण योजना पर भी सवाल उठाया है। कांग्रेस का कहना है कि चौपाटी के विकास में करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा ने इसे हटाकर नया प्रोजेक्ट लागू कर दिया, जो राजनीतिक दुर्भावना का संकेत देता है।
विवाद तब और बढ़ गया जब कुछ दिन पहले भाजपा द्वारा लगाए गए नालंदा परिसर के होर्डिंग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली स्याही डालकर विरोध जताया। इस मामले में पुलिस ने युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज की, जिसके विरोध में NSUI और युवक कांग्रेस ने थाने का घेराव भी किया।
कांग्रेस ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि:
चौपाटी हटाने के फैसले की उच्चस्तरीय जांच हो
पहले अनुमति देने और अब अवैध बताने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
राजनीतिक दबाव में लिए गए निर्णयों की भूमिका स्पष्ट हो
और भविष्य के लिए साफ़ नीति तय की जाए
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
इधर सरकार का कहना है कि नालंदा–2 निर्माण योजना शहर के विकास की बड़ी परियोजना है और इसका लाभ जनता को मिलेगा।
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