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छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट बिजली-बिल हाफ की प्लानिंग:मुख्यमंत्री सचिवालय : छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट बिजली-बिल हाफ की प्लानिंग:मुख्यमंत्री सचिवालय भेजी गई फाइल, 14 लाख उपभोक्ताओं को राहत, 900 की जग

Jagbhan Yadav

Sun, Nov 9, 2025

छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट बिजली-बिल हाफ की प्लानिंग:मुख्यमंत्री सचिवालय भेजी गई फाइल, 14 लाख उपभोक्ताओं को राहत, 900 की जगह 450 तक आएगा बिल

छत्तीसगढ़ सरकार बिजली बिल में आम जनता को राहत देने की तैयारी में है। सरकार 100 यूनिट को बढ़ाकर 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल करने की तैयारी में है। इससे 14 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। CM विष्णुदेव साय ने योजना को लेकर संकेत दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग ने हाफ बिल को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। बिजली दरों को लेकर फाइल CM सचिवालय भेजी गई है। प्रस्ताव मंजूर होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकेगा। अब 800-900 तक आने वाला बिल 420 से 435 रुपए तक आ सकता है।

4 महीने पहले यानी 1 अगस्त 2025 को सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना पर बड़ा बदलाव किया था। भूपेश सरकार के समय लागू 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया था। इस बदलाव का असर सीधे-सीधे लाखों परिवारों पर पड़ा था। बिल लगभग डबल हो गया था।

अगर कोई परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो उसका औसत बिल अभी लगभग 840 से 870 रुपए के बीच आता है। इसमें पहले 100 यूनिट का रेट ₹4.10 प्रति यूनिट और अगले 100 यूनिट का रेट ₹4.20 प्रति यूनिट है।

अब नई योजना के तहत सरकार 200 यूनिट तक हाफ बिल स्कीम लागू कर रही है। यानी उपभोक्ता को सिर्फ आधा भुगतान करना होगा। पहले 100 यूनिट का बिल ₹410 से ₹450 तक होता है, जो अब आधा होकर ₹205 से ₹225 के बीच रह जाएगा।

दूसरे 100 यूनिट (100–200) के लिए बिल ₹840 से ₹870 तक आता है, जो अब समान रहेगा, क्योंकि यह 200 यूनिट की सीमा में ही है। कुल मिलाकर 200 यूनिट पर उपभोक्ता को लगभग ₹420 से ₹435 की सीधी राहत मिलेगी। यानी जो उपभोक्ता पहले ₹1250–₹1300 तक का बिल देते थे, अब उन्हें सिर्फ ₹800–₹850 का ही बिल चुकाना पड़ेगा।

1 मार्च 2019 को हाफ बिजली बिल योजना शुरू की गई थी। इसका मकसद घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देना था। योजना के तहत अगर कोई उपभोक्ता 400 यूनिट या उससे कम बिजली उपयोग करता था, तो उसे कुल बिल का सिर्फ आधा भुगतान करना होता था।

इतना ही नहीं, अगर किसी उपभोक्ता की खपत 400 यूनिट से अधिक भी होती थी, तब भी उसे पहले 400 यूनिट पर हाफ बिजली बिल का फायदा मिलता था, और इसके बाद की यूनिट पर तय दरों के हिसाब से भुगतान करना पड़ता था।

सरकार का नया मसौदा लागू होगा तो राज्य सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपए का अतिरिक्त सब्सिडी भार बढ़ेगा। जानकारों के मुताबिक योजना के तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ रहा दबाव कम होगा। बिजली बिलों का भुगतान भी नियमित रूप से हो सकेगा।

जानकारी के मुताबिक प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद योजना को औपचारिक घोषणा की जा सकती है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो दिसंबर से प्रदेश में फिर से “हाफ बिजली बिल योजना” का दायरा बढ़ सकता है।

योजना में कटौती के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने लगातार विरोध जताया था। कई जिलों में उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिलों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। वहीं, छोटे परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक असर साफ दिखने लगा था।

सरकार के भीतर भी यह महसूस किया गया कि, सीमित खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है। इसलिए अब इस योजना की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

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