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छत्तीसगढ़ में अब ठंड का दिखेगा असर, मौसम विभाग ने दी चेतावनी, सुबह-शाम : छत्तीसगढ़ में अब ठंड का दिखेगा असर, मौसम विभाग ने दी चेतावनी, सुबह-शाम ठंड का दिखेगा असर, सप्ताह भर बारिश के हालात नहीं

Jagbhan Yadav

Sun, Nov 2, 2025

रायपुर 2 नवंबर 2025। चक्रवात मोंथा के प्रभाव के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर बदल गया है। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश अब लगभग थम चुकी है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। राज्य में अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में शुष्क और ठंडी हवाओं का प्रभाव तेज़ होगा, जिससे रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग का कहना है कि समुद्र से आने वाली नम हवाओं का असर खत्म हो चुका है और उत्तर-पूर्व दिशा से ठंडी, शुष्क हवा आने लगी है। इससे ठंड में बढ़ोतरी होगी।

रायपुर: 23.9°C (नॉर्मल से 3°C ज्यादा)

बिलासपुर: 23.7°C (नॉर्मल से 4.3°C ज्यादा)

इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी न्यूनतम तापमान 18°C से 24°C के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से अधिक रहा। हालांकि विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान गिरने के साथ सर्दी में तेजी आ सकती है

कवर्धा और बस्तर में किसानों की फसलें हुई बर्बाद

चक्रवात मोंथा के कारण हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पिछले तीन दिनों में रायपुर, बिलासपुर, कवर्धा, रायगढ़ और सरगुजा सहित कई जिलों में बारिश हुई, लेकिन सबसे अधिक नुकसान कवर्धा और बस्तर क्षेत्र में देखने को मिला।

कवर्धा में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों की पहले से कटकर खेतों में पड़ी फसलें भीगकर सड़ गईं। कई जगहों पर धान पूरी तरह खराब हो गया। एक किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर खेत में ही टूटकर गिर पड़ा।

बस्तर में भी खड़ी फसलें झुक गई हैं और जहां कटाई हो चुकी थी, वहां धान की बोरियां और ढेर भीगकर खराब होने लगे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक संकट का खतरा मंडरा रहा है।

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