अब मेडिकल स्टोर पर मिलेगा शिकायत का आसान तरीका: : दवा से हुई परेशानी? अब हर मेडिकल स्टोर पर QR कोड लगेंगे, मिनटों में दर्ज होगी शिकायत
Jagbhan Yadav
Sat, Nov 29, 2025
प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के 10 हजार से अधिक मेडिकल स्टोरों पर विशेष QR कोड और पीवीपीआई (Pharmacovigilance Programme of India) का टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024 अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। यह व्यवस्था केंद्र सरकार के निर्देश के बाद लागू की जा रही है, ताकि दवाओं के दुष्प्रभाव की शिकायतें सीधे और तुरंत संबंधित विभाग तक पहुंच सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि मेडिकल स्टोर संचालक QR कोड और हेल्पलाइन नंबर को ऐसी जगह प्रदर्शित करें, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति को दवा लेने के बाद एलर्जी, चक्कर, अचानक सूजन, सांस फूलना, उल्टी या कोई अन्य असामान्य प्रतिक्रिया दिखाई दे तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सके।
अधिकारियों के अनुसार QR कोड स्कैन करते ही उपभोक्ता सीधे शिकायत दर्ज करने वाले फॉर्म पर पहुंच जाएंगे। वहीं, हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके भी लोग अपनी समस्या बता सकेंगे। शिकायत दर्ज होते ही जानकारी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और विशेषज्ञ टीम दवा के दुष्प्रभाव की वजहों की जांच शुरू कर देगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई दवाएं अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव डालती हैं। ऐसे में समय पर दर्ज की गई शिकायतें न केवल मरीज की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, बल्कि दवाओं की निगरानी प्रणाली को भी बेहतर बनाती हैं। लगातार मिलने वाले फीडबैक से विभाग संदिग्ध दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रख सकेगा और आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकेगी।
ड्रग विभाग ने बताया कि यह पहली बार है जब प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था बड़े पैमाने पर लागू की जा रही है। इससे आम लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और दवा सेवन के बाद किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में लेने की प्रवृत्ति भी कम होगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी दोनों में मजबूती आएगी। QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली का उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति को शिकायत दर्ज करने का सरल, त्वरित और भरोसेमंद माध्यम उपलब्ध हो सके।
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