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हिस्ट्रीशीटर तोमर के समर्थन में करणी सेना का प्रदर्शन खत्म: : प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया

Jagbhan Yadav

Sun, Dec 7, 2025

रायपुर में हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी के बाद राजपूत करणी सेना ने आठ प्रमुख मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस द्वारा तोमर पर सूदखोरी, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने जैसे आरोपों में कार्रवाई की गई थी, जिसके विरोध में करणी सेना ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया। संगठन ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तोमर को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया, नंगे पैर घुमाया और मीडिया कवरेज के सामने हथकड़ी लगाकर जुलूस निकाला। परिवार की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार होने की बात भी करणी सेना की ओर से उठाई गई।

इन्हीं मुद्दों को लेकर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत, वीरेंद्र सिंह तोमर की पत्नी और अन्य सदस्य इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी पहुंचे, जहां उन्होंने गृह मंत्री से मुलाकात की मांग की। मुलाकात न होने पर वे वहीं धरने पर बैठ गए। धीरे-धीरे प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी—ASP लखन पाटले, ADM यूएस बांदे और कई थानों के TI—मौके पर पहुंचे। लगभग एक घंटे चली उच्च-स्तरीय बैठक में करणी सेना की मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई।

राज शेखावत ने कहा कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, जबकि करणी सेना ने 30 दिन का समय देने की घोषणा की और इस दौरान किसी बड़े आंदोलन को स्थगित रखने का निर्णय लिया। शेखावत ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय में न्याय नहीं मिला, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन को तेज करेंगे। वहीं हरियाणा से आए ओमेंद्र सिंह राणा ने भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने संगठन की बात नहीं मानी, तो वे राजनीतिक रूप से भी इसका जवाब देंगे।

ADM द्वारा मांगों का ज्ञापन स्वीकार किए जाने और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करणी सेना ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासन और करणी सेना के बीच टकराव का प्रतीक बना, बल्कि पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। आगामी 15–30 दिनों में प्रशासन क्या निर्णय लेता है, यह करणी सेना की आगे की रणनीति को तय करेगा।

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