Wednesday 6th of May 2026

ब्रेकिंग

के कार्यों के लिए 3.64 करोड़ स्वीकृत

गंगरेल के कार्यों के लिए 4.45 करोड़ स्वीकृत

कल नन्हेसर, सिमड़ा एवं बनगांव में लगेगी शिविर, 43 गांवों के ग्रामीण होंगे शामिल

उप मुख्यमंत्री साव ने की घोषणा

ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

6 राज्यों में फैले ठगों का खुलासा : फर्जी लिंक के जाल में फँसाकर करोड़ों उड़ाने वाला अंतरराज्यीय साइबर गैंग पकड़ा

Jagbhan Yadav

Tue, Nov 18, 2025

रायपुर साइबर अपराधों के बीच रायपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। राजधानी रायपुर में ऑपरेशन 'साइबर शील्ड' के तहत की गई कार्रवाई ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे देश में फैले साइबर अपराध के नेटवर्क को उजागर कर दिया। यह मामला उस संगठित गिरोह से जुड़ा था, जो RTO ई-चालान, पीएम किसान योजना और PMGSY जैसे सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल में खतरनाक APK फाइल इंस्टॉल करवाते थे। इस फाइल के जरिये ठग पीड़ितों का बैंकिंग डेटा चुरा लेते थे और उनके अकाउंट से हजारों–लाखों रुपये उड़ा लेते थे।

इस गैंग की गतिविधियाँ लंबे समय से रायपुर के टिकरापारा और राखी थाना क्षेत्रों में देखी जा रही थीं, जहाँ कुल मिलाकर 17 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। इन मामलों में दर्ज एफआईआर ने पुलिस को चौकन्ना किया और जांच ने धीरे-धीरे एक बड़े साइबर नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कीं। रेंज साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रेसिंग के जरिये इस गैंग के सदस्यों को चिन्हित किया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस गिरोह के सदस्य देश के छह अलग-अलग राज्यों — दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार — में फैले हुए थे। पुलिस ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन चलाया और सभी 6 आरोपियों को उनके-अपने शहरों से गिरफ्तार कर रायपुर लाया। गिरोह में शामिल लोगों की पहचान शर्रेक कुमार, आलोक कुमार, चांद बाबू, धर्मजीत सिंह, मोहम्मद इरफान और मारूफ सिद्दीकी के रूप में हुई।

इनमें से हर आरोपी की भूमिका अलग थी। कोई फर्जी कंपनी बनाकर बैंक खाता खुलवाता था, कोई म्यूल अकाउंट इकट्ठा करता था, कोई APK फाइल तैयार करता था, तो कोई पीड़ितों को लिंक भेजने का काम करता था। हैरानी की बात यह भी थी कि ये सभी आरोपी एक-दूसरे को कभी मिले नहीं थे, फिर भी डिजिटल माध्यम से इतने खतरनाक तरीके से जुड़े हुए थे। यह साइबर अपराध की नई और जटिल कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में 100 से अधिक लोगों को इसी तरह धोखे में डालकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने यह जानकारी संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ भी साझा की है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और खुलासे होने की संभावना है।

Tags :

Cyber Crime Raipur Crime News Fake Link Scam Interstate Cyber Gang Police Action Cyber Fraud APK Scam Crime Investigation Raipur Police Cyber Security

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें