: डोंगरगढ़ में महिला श्रद्धालु की मौत
Jagbhan Yadav
Sun, Oct 6, 2024
डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ में महिला श्रद्धालु की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक वहां आज हजारों की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। सुरक्षा के लिए लगाए गए बेरिकेट्स भी टूट गए।
, राजनांदगांव। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं. प्रतिदिन लगभग 2 से ढाई लाख भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इसी बीच बीती रात डोंगरगढ़ पहुंची एक महिला श्रद्धालु की अचानक मौत हो गई.
मृतक महिला का नाम सोनल साहू (36 वर्ष) बताया गया है, जो धमतरी की निवासी थी. एडिशनल एसपी राहुदेव शर्मा ने इस खबर की पुष्टि की है. महिला को सुबह 5 बजे इलाज के लिए डोंगरगढ़ के अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी. फिलहाल, महिला के मौत का कारण अज्ञात है.
मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.

कलेक्टर की अपील: भीड़ में धैर्य बनाए रखें, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दें
मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए दूरदराज से बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आग्रह किया है कि उपवास, पैदल चलने एवं भीड़ के कारण घबराहट और बैचेनी हो सकती है. श्रद्धालु दर्शन के लिए जल्दबाजी न करें. जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करें. बुजुर्ग, बच्चों, माताओं एवं दिव्यांगजनों को दिक्कत हो सकती है, उनका ध्यान रखते हुए सभी अपनी बारी आने पर दर्शन करें.
भीड़ की अधिकता को देखते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से यह अपील की है कि भीड़ में बुजुर्ग, बच्चों, माताओं एवं दिव्यांगजनों को पहले जाने का अवसर दें और भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्था बनाए रखने में सभी सहयोग करें. श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं विश्राम के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी सहयोग करें.
यह भी पढ़े बता दें कि, नवरात्रि के पहले दिन ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन लाभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के बस को मुख्यमंत्री निवास से झंडी दिखाकर रवाना किया था। मां बम्लेश्वरी के जयकारे और भजन-कीर्तन के साथ यह यात्रा शुरू हुई।
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