“कोल वसूली का काला जाल: : CA राकेश जैन ने हवाला रूट से 50 करोड़ पहुंचाए, 12 से ज्यादा फर्जी कंपनियों का नेटवर्क तैयार”
Jagbhan Yadav
Fri, Dec 12, 2025
छत्तीसगढ़ कोल घोटाले में चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश कुमार जैन की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया कि किस तरह सिस्टम के भीतर बैठकर सफेद कॉलर अपराधी करोड़ों का खेल संचालित करते हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, जैन पिछले पाँच वर्षों से न सिर्फ फरार चल रहा था, बल्कि इस दौरान उसने फर्जी कंपनियों का घना जाल बुनकर अवैध रूप से वसूले गए करोड़ों रुपये को हवाला नेटवर्क के जरिए आगे पहुँचाया।
जैन पर आरोप है कि उसने अपने नाम, अपने साले के नाम और अपने कर्मचारियों के नाम पर 12 से अधिक फर्जी कंपनियाँ बनाईं। इन कंपनियों का इस्तेमाल वह अवैध कोल वसूली को वैध दिखाने, नकली खर्च दिखाकर कैश तैयार करने और हवाला के जरिए पैसों को मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी तक पहुँचाने के लिए करता था। जाँच में सामने आया कि लगभग 50 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न माध्यमों से सफेद धन में बदला गया और बदले में जैन कमिशन लेता था।
इतना ही नहीं, जैन शराब घोटाले से जुड़े आरोपी अनवर ढेबर के पैसे को भी व्हाइट मनी में बदलने का काम करता था। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज, नकली एंट्री और काग़जी कंपनियों का उपयोग किया। उस पर शेयर बाज़ार में निवेश का लालच देकर लोगों से 50 करोड़ से अधिक की ठगी करने के भी 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
राकेश जैन का मामला यह दर्शाता है कि आर्थिक अपराध अब केवल कागज़ी नहीं रहे, बल्कि संगठित नेटवर्क, तकनीकी हेरफेर और सिस्टम के अंदरूनी सहयोग से चलने वाले खतरनाक षड्यंत्र में बदल चुके हैं।
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