छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : लखमा की जांच में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ED से पूछा—अब कौन-सी जांच बाकी?
Jagbhan Yadav
Tue, Nov 18, 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि एजेंसी लंबे समय से जांच जारी रखने की बात तो करती है, लेकिन यह नहीं बता पा रही कि वास्तव में कौन-सी जांच अभी भी अधूरी है। अदालत ने ED से पूछा कि आखिर ऐसी कौन-सी प्रक्रिया शेष है, जिसे दस महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया जा सका।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि एक तरफ ED आरोपियों को ज़मानत नहीं देने की दलील देती है, दूसरी तरफ बार-बार जांच जारी होने की बात कहती है। अदालत ने इसे विरोधाभासी रुख बताते हुए कहा कि जांच अधिकारी को अपना व्यक्तिगत एफिडेविट दाखिल कर स्पष्ट करना होगा कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ कैसी जांच अभी लंबित है और उसे पूरा करने में कितना समय लगेगा।
कवासी लखमा को ED ने 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था और इसके बाद EOW ने भी उनकी गिरफ्तारी की थी। लखमा लगभग दस महीने से जेल में बंद हैं और इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनके इलाज की मांग उठाई।
ED का आरोप है कि लखमा शराब सिंडिकेट के अहम हिस्सेदार थे और उनके इशारे पर ही कई लाइसेंस और नीतिगत बदलाव किए गए। एजेंसी ने दावा किया कि लखमा को तीन साल तक हर महीने लगभग दो करोड़ रुपये दिए जाते थे, जिससे कुल 72 करोड़ रुपये की राशि उनके पास पहुंची। यह रकम उनके बेटे के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में उपयोग हुई, ऐसा आरोप एफिडेविट में दर्ज है।
एजेंसी ने यह भी बताया कि शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और सिंडिकेट के सदस्यों ने 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में जांच की गति और एजेंसी की कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Tags :
Chhattisgarh News Liquor Scam Supreme Court ED Investigation Kavasi Lakhma EOW Politics Crime & Investigation Court Updates
विज्ञापन
विज्ञापन