अचल संपत्ति गाइडलाइन दरों पर राहत की मांग : चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री को सौंपे सुझाव
Jagbhan Yadav
Sat, Nov 29, 2025
रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मिला। मुलाकात का उद्देश्य राज्य में लागू की गई नई गाइडलाइन दरों और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर के अध्यक्ष सतीश यारानी ने किया।
बैठक में चैंबर ने बताया कि नई गाइडलाइन दरों से आवासीय खरीदारों, व्यापारियों, उद्योगों और रियल एस्टेट से जुड़े सभी वर्गों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ गया है। पंजीयन शुल्क और संपत्ति मूल्यांकन की मौजूदा प्रक्रिया लोगों को अधिक जटिल और महंगी लग रही है। इसके साथ ही तकनीकी चुनौतियों के कारण पंजीयन कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायिक संस्थाओं दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चैंबर की ओर से सुझाव दिया गया कि अचल संपत्ति मूल्यांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में सुधार किया जाए, ताकि दरें व्यावहारिक और लोगों की आर्थिक क्षमता के अनुरूप हों। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि गाइडलाइन दरों की समीक्षा कर उन्हें संतुलित किया जाए और तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जाए, तो निवेश का वातावरण मजबूत होगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे आम लोगों के लिए संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया भी सरल बन सकेगी।
वित्त मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि विभाग इन सुझावों पर विस्तृत समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Tags :
Chhattisgarh, Raipur, Commerce, Guideline Rates, Property Registration, Finance Minister
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