रायपुर : बूढ़ातालाब का 5 करोड़ का फाउंटेन महीनों से बंद, महापौर का निरीक्षण; ठेकेदार को नोटिस
Jagbhan Yadav
Sun, Dec 7, 2025
रायपुर के प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल बूढ़ातालाब स्थित स्वामी विवेकानंद सरोवर में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया गया फाउंटेन पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। शहर के लोगों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। स्थानीय निवासियों और मॉर्निंग–ईवनिंग वॉक करने वालों ने बताया कि यह फाउंटेन लंबे समय से चालू ही नहीं किया जा रहा, जबकि इसे शहर की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विशेष आकर्षण के रूप में विकसित किया गया था।
महापौर का आकस्मिक निरीक्षण
शिकायत मिलते ही महापौर मीनल चौबे बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे स्थल पर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि करोड़ों की लागत वाला यह फाउंटेन न केवल बंद है बल्कि उसकी नियमित देखरेख भी नहीं हो रही है। फाउंटेन की दुर्दशा देखकर महापौर ने तत्काल स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में उप अभियंता शुभम तिवारी और योगेंद्र साहू वहां पहुंचे।
महापौर ने अधिकारियों से कड़े शब्दों में पूछा कि इतना महंगा प्रोजेक्ट महीनों से बंद कैसे पड़ा है और इसे शुरू करने में इतनी लापरवाही क्यों बरती गई। अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने पर महापौर नाराज़ हो गईं।
ठेकेदार को नोटिस, सिक्योरिटी जब्त करने के निर्देश
निरीक्षण के तुरंत बाद महापौर ने निर्देश दिया कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल नोटिस भेजा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्मार्ट सिटी के पास ठेकेदार की जो 5 प्रतिशत सिक्योरिटी राशि — लगभग 25 लाख रुपये जमा है, उसे राजसात (जप्त) करने की कार्रवाई शुरू की जाए।
महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि ठेकेदार का अनुबंध अवधि अभी एक माह शेष है, लेकिन इसके बावजूद फाउंटेन को जल्द से जल्द चालू करवाना उनकी जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित समय में फाउंटेन शुरू नहीं किया गया, तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि ब्लैकलिस्ट करने तक के निर्देश जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों को मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश
निरीक्षण के बाद महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि फाउंटेन को शीघ्र चालू कराया जाए और आगे से उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने। शहर के सबसे अहम पर्यटन स्थल पर करोड़ों की लागत वाली परियोजना का यू बंद पड़े रहना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि शहर की छवि को भी प्रभावित करता है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन