: कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर नहीं जाने की नक्सलियों की अपील, बस्तर आईजी ने दिया ये जवाब - NAXALITES PEACE TALKS
Jagbhan Yadav
Thu, Apr 10, 2025
कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर नहीं जाने की नक्सलियों की अपील, बस्तर आईजी ने दिया ये जवाब - NAXALITES PEACE TALKS
बीते दिनों नक्सलियों का एक शांति वार्ता का पर्चा मिला था. अब एक और पर्चा मिला है जिसमें ग्रामीणों से नक्सलियों ने अपील की है.

बीजापुर: बीजापुर जिले से लगे तेलंगाना राज्य की सीमा पर स्थित कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर माओवादियों ने बारूद बिछा रखा है. ये बात माओवादियों ने एक कथित पर्चा जारी कर बताया है. पर्चे में माओवादियों ने ग्रामीणों से कहा है "वे जंगल पहाड़ी पर न आए. वहां हमारी सुरक्षा के लिए हमने IED लगा रखी है." माओवादियों के वेंकटपुरम एरिया कमेटी के सचिव शांता ने कथित पर्चा जारी किया है.
नक्सलियों की ग्रामीणों से अपील!: शांता का यह पर्चा तेलगु भाषा में लिखा हुआ है. इस पर्चे में लिखा है "सरकारें जमीदारों और पूंजीपतियों के हितों को पूरा करने के लिए किसानों की भूमि और वन भूमि को जब्त कर रही है. बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सरकारें कई समझौता भी कर चुकी है. हमने कर्रेगट्टा की पहाड़ी में सैकड़ों बम प्लांट किए हैं. ये बम फोर्स से बचने और खुद की सुरक्षा के लिए है.नक्सलियों ने ग्रामीणों से कहा है कि वे कर्रेगट्टा की जंगल-पहाड़ी में शिकार करने के लिए न आएं. इससे पहले भी वहां कई IED ब्लास्ट हुए जिसके कई ग्रामीण घायल हो गए."
"एक तरफ हिंसा दूसरी तरफ शांति वार्ता": नक्सलियों के पर्चे पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि माओवादी संगठन के प्रेस नोट की सत्यता की जांच की जा रही है. आईजी ने कहा "माओवादी नेतृत्व बस्तर क्षेत्र में शांति के प्रति गंभीर है तो सबसे पहले उन्हें सभी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधियों को पूर्ण विराम देना चाहिए. नक्सली एक ओर IED विस्फोट और हिंसात्मक वारदातों से क्षेत्र के निर्दोष लोगों और सुरक्षा बल के जवानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और दूसरी ओर शांति वार्ता का प्रस्ताव दे रहे हैं, ये समझ से परे हैं."
बस्तर आईजी की नक्सलियों को चेतावनी: सुंदरराज पी ने कहा CPI माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व और माओवादी कैडर्स के सामने हिंसा त्याग कर सरेंडर करना ही एकमात्र विकल्प है. अन्यथा माओवादी संगठन को गंभीर परिणामों को भुगतना पड़ेगा.
नक्सलियों का कथित शांति पर्चा: इस पर्चे से कुछ दिनों पहले नक्सलियों ने एक शांति वार्ता का पर्चा जारी किया था. नक्सलियों की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने एक कथित पर्चा जारी कर सरकार से शांति वार्ता की मांग की और बस्तर में चलाए जा रहे नक्सल ऑपरेशन रोकने की मांग की. पर्चे में प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले 15 महीने में छत्तीसगढ़ में कगार युद्ध में उनकी पार्टी के 400 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता मारे गए.
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