बिलासपुर में सजेगा बांस गीत महोत्सव : 100 से अधिक कलाकार देंगे परंपरागत लोककला की अद्भुत प्रस्तुति
Jagbhan Yadav
Sat, Dec 6, 2025
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से बिलासपुर में बांस गीत गाथा अकादमी के बैनर तले एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। 7 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 100 से अधिक कलाकार बांस गीत की अनूठी प्रस्तुति देंगे। यह आयोजन लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर स्थित पं. देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में आयोजित होगा, जिसका मकसद छत्तीसगढ़ी कला को नया मंच प्रदान करना है।
बांस गीत गाथा अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव ने बताया कि बांस गीत छत्तीसगढ़ की प्राचीन कला और यादव समुदाय की संस्कृति का प्रतीक है। बांस की पोली नली से तैयार वाद्य यंत्र पर कलाकार मनमोहक ध्वनि निकालते हैं और साथ ही गीतों के माध्यम से ऐतिहासिक व सांस्कृतिक चरित्रों की झलक प्रस्तुत करते हैं। कलाकारों की टोली में ठेठी (हुंकार) देने वाले सहयोगी कलाकार भी शामिल होंगे, जो प्रस्तुति को और सजीव बनाते हैं।
यह पहली बार है जब बिलासपुर संभाग के साथ-साथ कबीरधाम और बेमेतरा जिले के बांस गीत गायक एवं वादक एक साथ मंच साझा करेंगे। आयोजन में कलाकार वीर लोरिक के प्रसंग पर आधारित गीत और बांस वाद्य की संयुक्त प्रस्तुति देंगे, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव होंगे। इसके साथ ही पूर्व मेयर रामशरण यादव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा समाजसेवी पद्मश्री फूलबासन यादव विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। अतिरिक्त एसपी हरीश यादव सहित अन्य सम्मानित अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँगे।
इस आयोजन में सिरिगिटी, मस्तूरी, तखतपुर, रतनपुर, बेलतरा, भरनी, परसदा, खमतराई, बसिया रावत सहित कई नृत्य महोत्सव समितियों के कलाकारों का सम्मान भी किया जाएगा। साथ ही भोजली महोत्सव समिति तोरवा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की लोककला और परंपराओं को पुनर्जीवित करने वाला यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर साबित होगा।
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