अंबिकापुर में जनजातीय महोत्सव की तैयारियाँ पूरी : “जनजातीय गौरव दिवस पर अंबिकापुर सज–धज कर तैयार, 20 नवंबर को राष्ट्रपति का आगमन
Jagbhan Yadav
Sat, Nov 15, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती, 15 नवंबर, को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा के बाद से देशभर में इस दिवस को विशेष सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन बड़े और भव्य स्तर पर किया जा रहा है।
अंबिकापुर में 19 और 20 नवंबर को पंडा कॉलेज मैदान में दो-दिवसीय सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की जनजातीय परंपराओं, कला, नृत्य और सांस्कृतिक धरोहर को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ प्रवास पर अंबिकापुर पहुँचेंगी और मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगी। उनके साथ मुख्यमंत्री और मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे तथा राज्य के जनजातीय समुदायों के साथ सहभागिता दर्ज करेंगे।
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और आगंतुकों की सुविधाओं से संबंधित सभी कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस आयोजन में प्रदेश की जनजातीय परंपराओं, कला और गौरव को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
दो-दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जनजातीय नृत्य, लोककलाएँ, सांगीतिक प्रस्तुतियाँ और सांस्कृतिक झलकियों को मंच दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जा सके। विभाग ने नवंबर के पहले सप्ताह से ही तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। तीन नवंबर को नवा रायपुर में इस आयोजन की पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने की थी।
इस बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंग गाढ़े, संयुक्त सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़ और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता, अनुशासन और उत्साह के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति के आगमन से संबंधित सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं, और विभाग द्वारा कार्यक्रम एवं राष्ट्रपति के प्रवास से जुड़ी विस्तृत जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाएगी। अंबिकापुर में होने वाला यह आयोजन जनजातीय संस्कृति, उनकी अस्मिता और गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।
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